सियासत के लिए नाम बदलना: भाजपा और कांग्रेस दोनों की राजनीति
नाम वाली राजनीति का खेल ,कौन जीतेगा कौन हारेगा

*नाम वाली राजनीति का खेल: कांग्रेस और भाजपा में जंग*
कटनी में आज कांग्रेस ने कलेक्टर ऑफिस के सामने वृहद आंदोलन किया, जिसका प्रमुख कारण था कांग्रेस की मनरेगा योजना का नाम बदलना। कांग्रेस ने इसका जमकर विरोध किया है, दरअसल कांग्रेसी विधेयक के नाम को लेकर नाराज थे। बिल में महात्मा गांधी के नाम की जगह भगवान राम का नाम लिया गया है।
*क्या है मामला?*
भाजपा की केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने संसद से जी राम जी बिल पास कर दिया है। बिल पेश करने वाले कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने बताया कि कांग्रेस ने 2009 में बिल में सिर्फ गांधी का नाम जोड़ा था। और अब विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), या VB-G RAM G कानून को G RAM G भी कहा जा रहा है।
*पक्ष और विपक्ष की राजनीति*

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम को हटाकर भगवान राम के नाम पर योजना का नाम बदल रही है। जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने पहले ही गांधी का नाम जोड़ा था, अब हम राम जी का नाम जोड़ रहे हैं।
*क्या है यक्ष प्रश्न?*
इस नाम वाली राजनीति से आमजन को कितना लाभ पहुंचता है? क्या विपक्ष को भी अब जनता जनार्दन और किसानों, नौजवानों, के मुद्दे अब नजर नहीं आते? क्या ये मुद्दे नाम वाली राजनिति के चक्कर में बौने साबित हो रहे हैं?
*भगवान राम के वचन*

भगवान राम ने कहा है, “मोते अधिक संत कर लेखा” यानी मुझसे अधिक संत, महात्मा को सम्मान दो। क्या भाजपा भगवान राम जी के आदर्शों का पालन करना भूल गई है?
*क्या है आगे का रास्ता?*
इस नाम वाली राजनीति का खेल कब तक चलेगा? क्या कांग्रेस और भाजपा के नेता आमजन के मुद्दों पर ध्यान देंगे? या नाम वाली राजनीति में ही उलझे रहेंगे?




