“दिखवाते हैं” के 2 दिन बाद भी बिलहरी में सट्टा जारी, चौकी क्षेत्र में लगाम नहीं
बयान आया-गया, सट्टा रुका नहीं: बिलहरी चौकी प्रभारी के आश्वासन के बाद भी धरातल शून्य

बिलहरी के बड़खेड़ा, करहैया, से लगातार शिकायतें, लोगों ने SP से विशेष अभियान की मांग की
*कटनी।* बिलहरी चौकी क्षेत्र में अवैध सट्टा कारोबार पर रोक लगाने के दावों के बीच स्थानीय लोगों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बड़खेड़ा, करहैया इलाके में अवैध सट्टा का कारोबार बेखौफ चल रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि बड़खेड़ा में एक व्यक्ति द्वारा घर के अंदर बैठकर सट्टा लिखा जा रहा है। वहीं करहैया क्षेत्र से भी सट्टा खिलवाने की शिकायतें मिल रही हैं। शिकायतकर्ता ने “संजू एंड गैंग” का नाम लेते हुए कहा कि इस समूह का दबदबा क्षेत्र में कायम है।
*”दिखवाते हैं” के बाद भी कार्रवाई शून्य*
पूर्व में भी अखबारों/सोशल मीडिया के जरिए बिलहरी चौकी प्रभारी सुयश पांडे को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में चौकी प्रभारी सुयश पांडे ने दो दिन पूर्व कहा था कि “दिखवाते हैं” और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके बयान के 2 दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। जिससे आमजन में नाराजगी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “अगर पुलिस सख्ती करे तो ये धंधा 24 घंटे में बंद हो सकता है। अभी तो दिन-दहाड़े कारोबार चल रहा है और युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है।”
*प्रशासन से मांग*
क्षेत्र के लोगों ने SP कटनी और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिलहरी चौकी क्षेत्र में सट्टा/जुआ के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर अवैध कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
*पुलिस का पक्ष*
चौकी प्रभारी सुयश पांडे का कहना है कि सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने दो दिन पहले ही कहा था कि मामले को दिखवाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*नोट:* ये खबर शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित है। “सट्टा चल रहा है” ये आरोप है, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। किसी व्यक्ति/समूह का नाम आना अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। कानून के अनुसार हर व्यक्ति तब तक निर्दोष है जब तक कोर्ट से दोषी साबित न हो जाए।




