2013 में ही समाप्त हुआ अधिभार, फिर भी वसूला जा रहा जजिया कर ,नेताओं की भूमिका पर सवाल? जनता को राहत दिलाने में विफल
नगरपालिक निगम कटनी का खेल, अधिभार वसूली में जुटे अधिकारी

करदाताओं के साथ अन्याय, अधिभार वसूली पर तत्काल रोक लगाएं प्रशासन
कटनी, मध्य प्रदेश – सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नगर पालिक निगम कटनी ने 2013 में ही सम्पत्तिकर और जलकर पर अधिभार समाप्त करने का निर्णय लिया था, लेकिन दुर्भाग्य से आज भी यह अधिभार वसूला जा रहा है। यह मामला अब सवालों के घेरे में है, और नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
*क्या है मामला?*
नगरपालिक निगम कटनी ने परिषद के सामान्य सम्मिलन दिनांक 26/03/2013 में सम्पत्तिकर और जलकर पर अधिभार समाप्त करने का निर्णय लिया था। अधिभार समाप्ति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
– सम्पत्तिकर पर 1.5 प्रतिशत मासिक अधिभार समाप्त
– जलकर/जलशुल्क पर आरोपित अधिभार समाप्त
– 30 जून 2013 तक संपूर्ण बकाया राशि जमा करने पर 50 प्रतिशत छूट
– स्वकर निर्धारण प्रणाली वर्ष 2010-11 में प्रभावशील अधिभार यथावत रहेगा
*बकाया राशि*
सम्पत्तिकर बकाया राशि पर अधिभार राशि रूपये 3,51,06,255/- है, और छूट दिये जाने पर राशि रूपये 1,62,53,127/- करदाताओं को छूट प्राप्त होगी।
*आधिकारिक जानकारी*
मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 162 एवं 183 के अंतर्गत आदेश प्रदान किया गया है, और आयुक्त नगरपालिक निगम, कटनी द्वारा आदेश जारी किया गया है।
*नेताओं की भूमिका*
स्थानीय जनप्रतिनिधि जनों की भूमिका इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे इस मुद्दे को उठाकर अधिकारियों और सरकार का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं और जनता को राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
क्या आप चाहते हैं कि इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाएं?




