किसान हित में जबलपुर आगे, कटनी पीछे: 155253 हेल्पलाइन से अनजान जिले के किसान
20 मई से लागू योजना, सितंबर तक समय: कटनी प्रशासन अभी तक सोया

“मुझे जानकारी नहीं” कहकर पल्ला झाड़ रहे कटनी के कृषि अधिकारी, किसान बोले – 20 मई से योजना पर कटनी सो रहा
*कटनी।* मध्य प्रदेश शासन की “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” 20 मई 2026 से लागू है। इसके तहत नकली खाद, कालाबाजारी और अवैध भंडारण की सूचना देने पर इनाम + पहचान गोपनीय रखने का वादा है। सीएम किसान हेल्पलाइन *155253* पर कॉल कर किसान सीधे कलेक्टर तक सूचना पहुंचा सकते हैं। लेकिन कटनी जिले में इस योजना की हकीकत कुछ और ही दिख रही है।

*अधिकारी को ही नहीं पता योजना*
जब उप संचालक कृषि जिला कटनी रामनाथ पटेल से इस योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे कोई जानकारी नहीं है, जिले में अब कोई श्रीमति अरुणिमा सेन हैं, उनसे जानकारी ले लीजिए।”

वहीं श्रीमति अरुणिमा सेन का कहना है कि “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” की प्रेस विज्ञप्ति आज ही जारी कर रहे हैं।
यानी 20 मई से लागू योजना के महीने बाद कटनी के जिम्मेदार अधिकारी या तो अनजान हैं या प्रेस रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

किसानों का गुस्सा: प्रचार शून्य, जवाबदेही शून्य
किसानों का आरोप है कि योजना 20 मई से शुरू हो चुकी है, लेकिन कटनी में किसी स्तर पर प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। पंचायत, समिति या गांव स्तर पर कोई बैनर, पोस्टर, मुनादी नहीं हुई। नतीजा – किसान 155253 हेल्पलाइन से आज भी अनजान हैं।

किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि “जबलपुर प्रशासन गांव-गांव योजना पहुंचा रहा है और कटनी में अधिकारी खुद कहते हैं जानकारी नहीं। ऐसे में प्रशासन किसानों के प्रति जवाबदेही कैसे निभा रहा है, ये सबके सामने है।”
*पुराना घोटाला भी दबाने का आरोप*
किसानों ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि गत महीने गेहूं खरीदी केंद्र कांटी विजयराघवगढ़ के प्रभारी के कथित वारदाना घोटाले पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी, लेकिन प्रशासन ने उस फाइल को भी दबा दिया।

किसानों का कहना है, “एक तरफ शासन इनाम देकर कालाबाजारी रोकना चाहता है, दूसरी तरफ कटनी में पुराने घोटालों की फाइल दब रही है और नई योजना का प्रचार नहीं हो रहा। ऐसे में हम किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”
योजना क्या है
बिना लाइसेंस उर्वरक बेचना/बनाना, निर्धारित सीमा से ज्यादा भंडारण, तय रेट से ज्यादा दाम, नकली/मिलावटी खाद, यूरिया का फैक्ट्री में अवैध उपयोग, बिना परमिट परिवहन – इन सबकी सूचना पर विशेष टीम जांच करेगी। सूचना सही पाए जाने और जब्ती/दोष सिद्ध होने पर 1000 रुपए का इनाम सीधे बैंक खाते में जाएगा। योजना 30 सितंबर 2026 तक है।

*नोट:* यह खबर अधिकारियों के बयानों और किसान संगठनों के आरोपों पर आधारित है। “वारदाना घोटाला दबाया” और “प्रचार नहीं हुआ” ये आरोप हैं, जांच के बाद ही तथ्य सामने आएंगे। किसी व्यक्ति/अधिकारी का नाम आना दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।




