क्राइममध्य प्रदेश

विज्ञप्ति नहीं, लूट जारी: किसान नकली खाद से लुट रहे, कटनी कृषि उपसंचालक को योजना का ही पता नहीं

155253 हेल्पलाइन जबलपुर में गूंज रही, कटनी में अधिकारी बोले - "अरुणिमा सेन से पूछ लो"

मोहन सरकार ने दिया 155253 हेल्पलाइन + 1000 का इनाम, कटनी में न प्रचार न जानकारी – किसान नकली खाद से लुट रहे

 

*कटनी।* मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” 20 मई 2026 से लागू कर दी है। सीएम किसान हेल्पलाइन *155253* पर सूचना देने वाले को 1000 रुपये का इनाम + पहचान गोपनीय रखने की गारंटी है। 

 

लेकिन कटनी में इस योजना का हाल ये है कि जिम्मेदार अधिकारी आज तक किसानों को इसकी जानकारी नहीं दे पाए हैं

 

*”विज्ञप्ति जारी करेंगे” – 2 दिन से इंतजार*

जब उप संचालक कृषि जिला कटनी रामनाथ पटेल से योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे कोई जानकारी नहीं है, जिले में अब कोई श्रीमति अरुणिमा सेन हैं, उनसे जानकारी ले लीजिए।”

 

वहीं श्रीमति अरुणिमा सेन ने दो दिन पहले कहा था कि “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना की प्रेस विज्ञप्ति आज ही जारी कर रहे हैं।” लेकिन दो दिन बीत गए, आज तक विज्ञप्ति जारी नहीं हुई।

 

यानी 20 मई से लागू योजना पर कटनी कृषि विभाग 1 महीने बाद भी “प्रेस रिलीज के इंतजार” में है।

 

*किसान लुट रहे, प्रशासन सो रहा*

किसानों का सीधा आरोप है कि मोहन सरकार ने हेल्पलाइन 155253 और 1000 रुपये इनाम की योजना दी है, लेकिन कटनी का प्रशासन केवल किसानों को लुटने दे रहा है।

 

नकली खाद-बीज, तय रेट से ज्यादा दाम, बिना लाइसेंस बिक्री – ये सब धड़ल्ले से चल रहा है। पंचायत, समिति, गांव में न कोई बैनर, न पोस्टर, न मुनादी। नतीजा: किसान 155253 नंबर से आज भी अनजान हैं और नकली खाद खरीदकर फसल बर्बाद कर रहे हैं।

 

किसान नेताओं ने कहा, “जबलपुर में गांव-गांव योजना का प्रचार हो रहा है। कटनी में अधिकारी खुद कहते हैं जानकारी नहीं। फिर कालाबाजारी कौन रोकेगा?”

 

*पुराना घोटाला भी दबा*

किसानों ने आरोप लगाया कि गत महीने गेहूं खरीदी केंद्र कांटी विजयराघवगढ़ के प्रभारी के कथित वारदाना घोटाले पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी, लेकिन प्रशासन ने उस फाइल को भी दबा दिया।

 

किसानों का कहना है, “एक तरफ शासन इनाम देकर कालाबाजारी रोकना चाहता है, दूसरी तरफ कटनी में पुराने घोटाले दब रहे हैं और नई योजना का प्रचार नहीं हो रहा। हम किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”

 

*योजना क्या है*

बिना लाइसेंस उर्वरक बेचना/बनाना, निर्धारित सीमा से ज्यादा भंडारण, तय रेट से ज्यादा दाम, नकली/मिलावटी खाद, यूरिया का फैक्ट्री में अवैध उपयोग, बिना परमिट परिवहन – इन सबकी सूचना *155253* पर दें। सूचना सही पाए जाने और जब्ती/दोष सिद्ध होने पर 1000 रुपये सीधे बैंक खाते में। योजना 30 सितंबर 2026 तक है।

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