निडर आवाज की खबर का असर: महुंगवा आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता-सहायिका की 5 दिन की सैलरी कटी
_परियोजना अधिकारी बड़वारा ने जारी किया आदेश, सरपंच पति की शिकायत के बाद सेक्टर पर्यवेक्षक ने पकड़ी गड़बड़ी_

महुंगवा आंगनबाड़ी में लापरवाही पर गिरी गाज,कार्यकर्ता-सहायिका का 5-5 दिन का मानदेय कटा
*बड़वारा।* *निडर आवाज* में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद *प्रशासन हरकत में* आ गया है। *महिला एवं बाल विकास परियोजना बड़वारा* के *परियोजना अधिकारी* ने *महुंगवा केंद्र की कार्यकर्ता सुधा सिंह और सहायिका कमलेश सिंह* पर *कार्रवाई* करते हुए *05-05 दिन का मानदेय काटने का आदेश* जारी किया है।
*1. क्या है पूरा मामला?*
*दिनांक 27/06/2026* को *सरपंच पति कमल साहू, ग्राम पंचायत बरछेका* ने *आंगनबाड़ी केंद्र महुंगवा* का निरीक्षण किया। *दोनों कर्मचारी अनुपस्थित मिलीं*। इसकी शिकायत *अधोहस्ताक्षरकर्ता एवं सेक्टर पर्यवेक्षक* से की गई।
*29/06/2026* को *सेक्टर पर्यवेक्षक* ने दोबारा निरीक्षण किया। जांच में सामने आया:
– *केवल 15 बच्चे उपस्थित थे*
– *वजन पंजी, SEM, MAM का रिकॉर्ड अधूरा*
– *पोषण ट्रैकर की एंट्री पूर्ण नहीं*
– *केंद्र में साफ-सफाई नहीं*
*2. परियोजना अधिकारी का आदेश*
*क्रमांक/382/मबावि/स्था0/2026, दिनांक 30/06/2026* से जारी आदेश में कहा गया:
*”केंद्र संचालन में अनियमितता, लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के कारण आप दोनों का 05-05 दिवस का मानदेय काटा जाता है। भविष्य में ऐसी लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसकी आप स्वयं जिम्मेदार होंगी।”*
*3. किस-किस को भेजी गई प्रतिलिपि*
आदेश की कॉपी *कलेक्टर कटनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक और सरपंच पति कमल साहू* को भी भेजी गई है। इससे साफ है कि *मामला जिला स्तर तक पहुंच गया है*।
*ग्रामीणों ने कहा – ‘निडर आवाज’ की वजह से जागा प्रशासन*
ग्रामीणों का कहना है कि *”निडर आवाज ने मुद्दा उठाया तभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। वरना महीनों से आंगनबाड़ी बंद रहती थी। बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल रहा था। अब उम्मीद है सुधार होगा।”*
*परियोजना अधिकारी* ने बताया कि *”आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”*
_निडर आवाज जनता की आवाज उठाता रहेगा। आपके क्षेत्र की समस्या भेजें।_




