बड़ी आस से की थी जन समस्या शिविर में शिकायत – कलेक्टर साहब तलाब बचाएंगे, पर सीमांकन ही नहीं हुआ: अशोक पाटकर
प्राचीन धरोहर पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, चारों तरफ से घेरा, प्राकृतिक स्वरूप खत्म

CM के अभियान को ठेंगा! कन्हवारा का राम तलाब (रमतलाय) कागज पर 11.45 हे., जमीन पर खेत – फाइल धूल खा रही, सीमांकन तक शुरू नहीं
कटनी/कन्हवारा। मुख्यमंत्री के जल गंगा संवर्धन अभियान और जन समस्या निवारण शिविरों के दावों को कटनी तहसील के कन्हवारा में लगे तगड़े झटके से देखा जा सकता है। यहां का ऐतिहासिक राम तलाब (रमतलाय) कागजों पर 11.45 हेक्टेयर में दर्ज है, लेकिन जमीन पर इसकी जगह खेत लहलहा रहे हैं।
इस गंभीर अतिक्रमण की शिकायत समाजसेवी अशोक पाटकर ने कलेक्टर और राजस्व विभाग से की थी, लेकिन 10 दिन बाद भी कार्यवाही नगण्य है।
सबसे बड़ा खुलासा: सीमांकन ही शुरू नहीं
वर्तमान स्थिति यह है कि राजस्व विभाग ने अभी तक इस प्राचीन सरोवर का सीमांकन (नाप) प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है। जिसके कारण अतिक्रमण की सटीक स्थिति और कितनी जमीन पर कब्जा है, इसका सही आंकड़ा अधिकारियों के संज्ञान में ही नहीं है।
सूत्र बताते हैं कि सरोवर के चारों तरफ अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे इसका प्राकृतिक स्वरूप और जल-भराव क्षमता दोनों ही नष्ट हो रहे हैं। प्राचीन धरोहर की यह दुर्दशा देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
आवेदक ने कहा – हर बार की तरह इस बार भी कुछ नहीं होगा?
आवेदक समाजसेवी अशोक पाटकर ने बताया, _”बड़ी आस के साथ मैंने ये शिकायत की थी कि कलेक्टर साहब इस सरोवर से अवैध कब्जा हटवाएंगे। लेकिन लगता है इस बार भी कोई कार्यवाही नहीं होगी। यह जन समस्या निवारण शिविर में भी विगत दस सालों की भांति लगता है कार्यवाही नहीं होगी।”_
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के पास इस प्राचीन सरोवर की जमीन से तत्काल कब्जा हटाने का पावर है, किंतु नायब तहसीलदार से लेकर तहसीलदार तक अभी तक इस मुद्दे पर बुलडोजर कार्यवाही करने नहीं पहुंचे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सीमांकन कर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
संपादक – निडर आवाज, महेंद्र सोनी




