पहले भी करोड़ों का धान सड़ गया था फिर भी नहीं सुधरे हालात ! मझगवा वेयरहाउस में फिर बरसाती पानी में भीगा धान, डीएम का बड़ा बयान आया सामने
कटनी के मझगवां वेयरहाउस में फिर लापरवाही! जिला प्रबंधक ने झाड़ा पल्ला, शाखा प्रबंधक ने नहीं उठाया फोन

मझगवां वेयरहाउस में फिर कीचड़ में पड़ी धान की बोरियां, करोड़ों का धान सड़ने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था; जिला प्रबंधक बोले- कार्य प्रजापति देखते हैं, शाखा प्रबंधक का फोन नहीं उठा
कटनी। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की *मझगवां शाखा* में अव्यवस्थाओं का मामला एक बार फिर सामने आया है। ग्राउंड पर धान की बोरियां कीचड़ में पड़ी होने की शिकायतें मिल रही हैं।

गौरतलब है कि पूर्व में भी जिले में *करोड़ों रुपये के धान के सड़ने* का मामला सामने आ चुका है, तब भी फाइलों में जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई थी।
इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी है, इसे समझने के लिए *निडर आवाज* ने पड़ताल की।

जिला प्रबंधक – योगेन्द्र सिंह सेंगर: शासकीय वेबसाइट http://katni.nic.in के अनुसार, *योगेन्द्र सिंह सेंगर जिला प्रबंधक, MP Warehousing & Logistics Corporation, कटनी* हैं और पूरे जिले के वेयरहाउस का संचालन उनके अधीन आता है।
*मझगवां शाखा प्रबंधक – सत्येंद्र प्रजापति:* मझगवां शाखा के वर्तमान प्रभारी / शाखा प्रबंधक *सत्येंद्र प्रजापति* हैं, जो रोजमर्रा का फील्ड कार्य देखते हैं।

*पक्ष जानने का प्रयास:*
इस संबंध में जब *जिला प्रबंधक योगेन्द्र सिंह सेंगर* से बात की गई तो उन्होंने कहा – *”मझगवां का पूरा कार्य सत्येंद्र प्रजापति देखते हैं।“*
वहीं जब *मझगवां शाखा प्रबंधक सत्येंद्र प्रजापति* से उनका पक्ष जानने के लिए विगत दिनों कई बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, कॉल किए गए, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
*सवाल बरकरार:* सवाल ये है कि विगत वर्षों में जब करोड़ों का धान सड़ा था तब भी फाइलों में जिम्मेदारी घूमती रही थी, आज भी जब ग्राउंड पर पानी में भीगी बोरियां पड़ी हैं तो जिला प्रबंधक फील्ड मैनेजर पर बात टाल रहे हैं। आखिर जिम्मेदार कौन – जिला प्रबंधक या शाखा प्रबंधक?
मामले की निष्पक्ष जांच और ग्राउंड पर सुधार की मांग ग्रामीणों ने की है।
*डिस्क्लेमर:* यह खबर ग्रामीणों की शिकायत, मौके की तस्वीरों और संबंधित अधिकारियों से किए गए संपर्क प्रयासों के आधार पर जनहित में प्रकाशित की गई है। संबंधित शाखा प्रबंधक का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




