क्राइममध्य प्रदेश

कटनी खदान कांड: पोकलेन के बाद हाइवा भी मलबे में दफन, दूसरा वीडियो वायरल.. और क्या क्या छिपा रहा माइनिंग माफिया?

कटनी की एक्सीडेंटल खदान: KOBELCO के बाद MP21H 1539 भी तबाह, ड्राइवर कहाँ गया? दूसरा वीडियो आने से हिल गया माइनिंग माफिया

कटनी खदान कांड: पोकलेन के बाद हाइवा के भी उड़े परखच्चे, MP21H 1539 कबाड़ में बदला –  

 

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*कटनी, 29 जून 2026।* विजयराघवगढ़ विधानसभा की जमुवानीकला खदान में 15 दिन पुराने हादसे का *दूसरा खौफनाक वीडियो सामने आया है* KOBELCO पोकलेन के बाद अब *MP21H 1539* नंबर का हाइवा डंपर भी मलबे में दबकर कबाड़ बन चुका है। *वीडियो में हाइवा का केबिन पूरी तरह चकनाचूर दिख रहा है*, जिससे आशंका है कि ड्राइवर मलबे में दब गया होगा।

*वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर*

1. *केबिन का नामोनिशान मिटा:* हाइवा का अगला हिस्सा कागज की तरह पिचक गया है। स्टीयरिंग, ड्राइवर सीट, इंजन सब मलबे में बदल चुके हैं। केबिन बड़े पत्थर पर टिका है।

2. *एक्सल टूटकर 15 फीट दूर:* फ्रंट एक्सल ब्रेक ड्रम समेत उखड़कर अलग पड़ा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि चेसिस मुड़कर दोहरा हो गया।

3. *डाला सही-सलामत:* पीछे का डाला जस का तस है, जिससे साफ है कि *हजारों टन मलबा सीधे केबिन पर गिरा*। ड्राइवर को बचने का एक सेकंड भी नहीं मिला होगा।

4. *नंबर प्लेट से खुला राज:* *MP21H 1539* नंबर प्लेट अभी भी लगी है, जिससे हाइवा की पहचान हुई।

 

*ड्राइवर की सलामती पर बड़ा सवाल*

स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि *हादसे के दिन से हाइवा का ड्राइवर लापता है*। केबिन की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि *ड्राइवर मलबे में दब गया होगा*। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

*सरपंच ने खोली खदान की पोल*

*ग्राम पंचायत जमुवानीकला के सरपंच* ने निडर आवाज से कहा: *”मैंने कलेक्टर को पहले ही लिखित शिकायत दी थी कि खदान में बेंच नहीं बन रही, हाई ब्लास्टिंग हो रही है, ग्राम मार्ग बंद कर दिया है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही का नतीजा है ये हादसा।”

प्रशासन पर सवाल, पटवारी का फोन नहीं उठा

इस गंभीर मामले में *पटवारी प्रदीप पांडे* से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। *जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित* और *माइनिंग इंस्पेक्टर पवन कुशवाहा* ने भी कॉल रिसीव नहीं की। 15 दिन पुराने इतने बड़े हादसे पर प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

*कानून क्या कहता है*

*Mines Act 1952 की धारा 23* के तहत खदान में गंभीर हादसे की सूचना 24 घंटे में DGMS को देना जरूरी है। ऐसा न करना *गैर-जमानती अपराध* है। साथ ही *IPC 304-A* के तहत लापरवाही का केस बनता है।

 

*निडर आवाज लाइव इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है। RTO से MP21H 1539 के मालिक का पता लगाया जा रहा है। अगर आपके पास इस हादसे से जुड़ी कोई जानकारी है तो 8717963265 पर व्हाट्सएप करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।*

*नोट:* निडर आवाज लाइव वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। घटना की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद होगी।

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