कटनी में पत्रकारों को धमकाने का सिलसिला, SP ऑफिस पहुंचे पत्रकार – कहा “पत्रकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला”
पत्रकारिता पर हमले: बिलहरी सट्टा उजागर करने वालों को झूठी शिकायत, बरही केस में जान से मारने की धमकी -पत्रकार एकजुट

कटनी: खबर उजागर करने वाले पत्रकारों पर दबाव और धमकी, SP से लगाई गुहार
*कटनी।* कटनी जिले में निष्पक्ष खबर प्रकाशन के बाद पत्रकारों को निशाना बनाए जाने के दो मामले सामने आए हैं। बिलहरी चौकी क्षेत्र में सट्टा-जुआ कारोबार उजागर करने वाले पत्रकारों को झूठी शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बरही स्थित रेस्टोरेंट की खबर प्रकाशित करने पर विंध्य लोकवाणी न्यूज के पत्रकार विकास श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी मिली है। इन दोनों घटनाओं के विरोध में कटनी जिले के पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सुरक्षा के साथ निष्पक्ष जांच की मांग की।

*बिलहरी सट्टा केस: उजागर करने पर झूठी शिकायत*
पत्रकारों द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से कथित रूप से जुआ और सट्टे का संचालन किया जा रहा था। आरोप है कि इस गतिविधि में एक ई-रिक्शा का भी उपयोग किया जाता था। सूचना मिलने पर 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी लेने के बाद पुलिस को सूचित किया।

पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड, हिसाब-किताब और दस्तावेज हटाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री बरामद हुई। इसके बाद समाचार प्रकाशित किया गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ लोगों द्वारा पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पत्रकारों पर डरा-धमकाकर पैसे लेने का झूठा आरोप लगाया गया। पत्रकारों ने इसे दबाव बनाने की कोशिश बताया और मांग की कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
*बरही रेस्टोरेंट केस: खबर हटाने का दबाव, जान से मारने की धमकी*
दूसरे मामले में विंध्य लोकवाणी न्यूज के पत्रकार विकास श्रीवास्तव को बरही स्थित श्रीजी रेस्टोरेंट से संबंधित समाचार प्रकाशित करने के बाद धमकियां मिलीं। ज्ञापन में बताया गया कि रेस्टोरेंट संचालक एवं उसके सहयोगियों द्वारा पत्रकार और उनके परिवार पर खबर हटाने का दबाव बनाया जा रहा है तथा फोन और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
पत्रकारों के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने पत्रकार के परिजनों से संपर्क कर खबर हटाने के लिए दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। अज्ञात नंबरों से भी धमकी भरे कॉल आने का आरोप है।

*पत्रकारों की मांग: सुरक्षा + निष्पक्ष जांच*
दोनों मामलों में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि:
1. बिलहरी मामले में झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. बरही मामले में दोषी पाए जाने वालों पर BNS की प्रासंगिक धाराओं में वैधानिक कार्रवाई हो।
3. पत्रकार विकास श्रीवास्तव एवं उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
4. भविष्य में किसी भी पत्रकार को समाचार प्रकाशन के कारण धमकी या दबाव का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
पत्रकार साथियों ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। समाचार प्रकाशन के कारण किसी पत्रकार को धमकाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं स्वतंत्र पत्रकारिता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
*नोट:* उक्त आरोप पत्रकारों द्वारा SP को सौंपे गए ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस जांच एवं आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।




