क्राइममध्य प्रदेशराजनीतिलोकल न्यूज़

आस्था बेचकर काला पत्थर का कारोबार! कन्हवारा मंदिर के पीछे खेल में जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध

कन्हवारा शिव मंदिर के पीछे अवैध खनन में पंचायत भी संदिग्ध ! प्राचीन सरोवर चढ़ा उत्खनन की भेंट ,

सरपंच से लेकर सचिव तक मौन! कन्हवारा में रोज रात अवैध आयरन ओर का परिवहन,आंदोलन की चेतावनी

 

कटनी/कन्हवारा। जिले में आस्था के प्रतीकों को भी माफिया नहीं बख्श रहे। कटनी जिले के कन्हवारा स्थित प्राचीन शिव मंदिर और उसके तालाब के पीछे रात के अंधेरे में आयरन ओर यानी काले पत्थर का अवैध उत्खन और कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

 

 लेबर से हो रहा खेला 

निडर आवाज” को मिले वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर के पीछे पहाड़ी को बुरी तरह खोद दिया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यहां मशीनों से नहीं बल्कि लेबर लगाकर रात में उत्खन किया जा रहा है ताकि किसी को भनक न लगे। सूत्र यह भी बताते हैं कि रोज रात में अवैध परिवहन भी होता है। एक अन्य फोटो में काले-लाल पत्थरों का ढेर भी साफ दिख रहा है।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार *इस पूरे खेल में सरपंच से लेकर पंचायत के जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध है। इसी वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन चुप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों ने कहा _”शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। शिकायत करते-करते हम हताश हो गए। कार्यवाही शून्य है। अब लग रहा है भगवान शिव ही अपने दरबार की रक्षा करेंगे।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि *अगर राजस्व विभाग और माइनिंग विभाग और पुलिस ने जल्द कार्यवाही नहीं की तो विवश होकर उन्हें आंदोलन की राह चुननी पड़ेगी

जिम्मेदार क्या बोले?

इस मामले में ग्राम पंचायत सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं लगा। वहीं ग्राम पंचायत सचिव नरेश पटेल का कहना है कि _”मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है, दिखवाता हूं।“_

मंदिर के मुख्य पुजारी से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही उनका पक्ष आएगा उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

आस्था के साथ पर्यावरण को भी नुकसान

प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था का केंद्र है। अवैध उत्खन से न सिर्फ मंदिर की सुरक्षा को खतरा है बल्कि तालाब और आसपास का पर्यावरण भी तबाह हो रहा है।

मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर और खनिज विभाग सहित पुलिस प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जनप्रतिनिधियों की भूमिका की भी जांच हो और मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!