सबूत के साथ सवाल: एसडीएम ने लिख दिया, खाद शाखा सो गई – RTI आवेदक अजीत पूछ रहे जवाब
10 हजार कट्टे जब्त + RTI का सबूत: फिर भी फाइल बंद? कटनी मॉडल फेल! दो जिले, दो न्याय

गेहूं खरीद के बाद एक्शन: जबलपुर में कलेक्टर न्यायालय तक पहुंचा मामला, कटनी में सिर्फ चेतावनी… कांटी वारदाना घोटाले पर भी ठंडी कार्रवाई
*कटनी/जबलपुर।* गेहूं उपार्जन 2026-27 खत्म होते ही दोनों जिलों में प्रशासन की सख्ती का फर्क साफ दिख रहा है। पड़ोसी जबलपुर में 5 हजार क्विंटल की फर्जी खरीदी पर कलेक्टर न्यायालय तक प्रकरण पहुंच गया, तो कटनी में गेहूं खरीद में अभी सिर्फ चेतावनी और निर्देशों तक सीमित है।
जबलपुर: सख्त कार्रवाई + मुखबिर इनाम योजना

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने गेहूं खरीद में फर्जीवाड़े पर सख्त रुख अपनाया। मझौली के मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस में पोर्टल पर 661 किसानों के नाम गेहूं चढ़ाया गया, पर गोदाम में 5,168 क्विंटल की शॉर्टेज मिली। खाद्य विभाग ने प्रकरण तैयार कर सीधे *कलेक्टर न्यायालय को भेज दिया* है।
इसके अलावा कलेक्टर ने पुराने गेहूं की रीसाइक्लिंग रोकने को कई निजी गोदाम सील कर दिए। अवैध धान भंडारण पर लगाम लगाने को *मुखबिर इनाम योजना* शुरू की थी। जिसमें सूचना देने पर 100-200 क्विंटल पर 5 हजार, 500 क्विंटल से ज्यादा पर *21 हजार तक नकद इनाम था। नंबर भी जारी था: 62691 13327

इसी तरह 13 मई को कलेक्टर ने अरिहंत वेयरहाउस का औचक निरीक्षण कर बोरियों के टैग न होने पर नाराजगी भी जताई।
कटनी: धान में कार्रवाई, गेहूं-वारदाना में ठंडा रवैया

कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने धान उपार्जन में लापरवाही पर 4 केंद्र प्रभारियों को 2 साल के लिए हटा दिया था। पर गेहूं 2026-27 में अभी तक सिर्फ औचक निरीक्षण हुए हैं। अमाड़ी केंद्र पर सफाई और तौल कांटे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, लापरवाही पर “सख्त कार्रवाई की चेतावनी” दी गई। पर कोई सस्पेंशन/एफआईआर की खबर नहीं।
सबसे बड़ा सवाल *कांटी वारदाना घोटाले* पर है। विजयराघवगढ़ क्षेत्र में 10 हजार वारदाना अन्यत्र स्थान पर जब्त हुए थे। विजयराघवगढ़ एसडीएम ने कार्रवाई के लिए खाद शाखा को पत्र भी लिखा। पर खाद शाखा ने ठोस कार्रवाई नहीं की।
RTI से खुलासा:

* इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अजीत कुमार दाहिया ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन लगाया है। उन्होंने जिला खाद्य अधिकारी से एसडीएम की जांच रिपोर्ट, नायब तहसीलदार का पत्र क्रमांक 67/ना.तह./2026 दिनांक 16.04.2026 और खाद्य शाखा द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। आरटीआई दिनांक 23/06/2026 की है।
मतलब एसडीएम ने 24 अप्रैल को पत्र लिख दिया, 2 महीने बाद भी खाद शाखा ने ठोस कार्रवाई नहीं की। जबलपुर में 5 हजार क्विंटल पर कलेक्टर कोर्ट, कटनी में 10 हजार कट्टे जब्त पर सिर्फ पत्राचार – यही फर्क है।
_किसानों का सवाल:_ गेहूं खरीदी के बाद जबलपुर में प्रकरण बन रहा है, कटनी में सिर्फ वार्निंग। कांटी के 10 हजार वारदाना पर कलेक्टर कब सख्त होंगे?
निडर आवाज पूछता है:_ RTI लगानी पड़ रही है, पर जवाब में कार्रवाई क्यों नहीं? पड़ोसी जिले जैसी सख्ती कटनी में क्यों नहीं?




