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बड़वारा WCD का ‘समझाइश घोटाला’: महगमा आंगनवाड़ी में मनमानी उजागर, पंचनामे के बाद भी CDPO ने आंखें मूंदी

सरपंच का पंचनामा रद्दी में, महगमा आंगनवाड़ी कांड में अफसरों की मिलीभगत उजागर

5 गवाहों के सामने बना पंचनामा, बड़वारा CDPO ने ‘समझाइश’ देकर फाइल ठंडे बस्ते में डाली – अफसरों की लापरवाही से बच्चों से कराया जा रहा श्रम

 

*बड़वारा।* ग्राम महगमा की आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में *शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां* उड़ाई जा रही हैं। यहां पदस्थ सहायिका  केंद्र से गायब है और उसकी जगह बेटी केंद्र का संचालन* कर रही है। चौंकाने वाली बात ये है कि *सरपंच द्वारा 5 ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा बनाकर कार्रवाई की अनुशंसा* के बावजूद *बड़वारा महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) ने मामले को दबा दिया*।

 

*1. क्या है पूरा मामला?*

ग्रामीणों की शिकायत पर *सरपंच ने विगत दिनों आंगनवाड़ी का निरीक्षण* किया। मौके पर सहायिका नदारद मिली और उसकी बेटी बच्चों को संभाल रही थी*। बच्चों से बर्तन थाली धुलवाने का श्रम भी करवाया जा रहा था। सरपंच ने 5 ग्रामीणों के हस्ताक्षर से पंचनामा तैयार कर प्रशासन को कार्रवाई के लिए भेजा था*।

*2. ‘समझाइश’ देकर दबा दिया मामला*

सूत्रों के मुताबिक *CDPO बड़वारा और सेक्टर सुपरवाइजर ने सहायिका को बुलाकर सिर्फ ‘समझाइश’ देकर छोड़ दिया*। न कार्यवाही हुई ,न वेतन काटा गया। कार्यवाही के आभाव में केंद्र का हाल जस का तस है – नियमानुसार *बिना योग्यता वाले व्यक्ति से केंद्र संचालन कराना और बच्चों से श्रम कराना अपराध* है।

*3. अफसरों की उदासीनता बनी अभिशाप*

*महिला बाल विकास विभाग के अफसरों की यही लापरवाही* है कि जिले की *60% से ज्यादा आंगनवाड़ियों में सहायिका/कार्यकर्ता की जगह परिजन काम करते मिलते हैं*। अभिभावक बच्चों को *पढ़ने-सीखने भेजते हैं, लेकिन वहां उनसे बर्तन धुलवाए जाते हैं, झाड़ू लगवाई जाती है*।

*ग्रामीणों में आक्रोश*

ग्रामवासियों का कहना है – *”सरपंच ने सबूत के साथ शिकायत दी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। साफ है अफसरों की मिलीभगत है। गरीब बच्चों का हक मारा जा रहा है।”* ग्रामीणों ने *कलेक्टर और जिला कार्यक्रम अधिकारी से जांच की मांग* की है।

*नियम क्या कहता है?*

*एकीकृत बाल विकास सेवा नियमावली* के तहत सहायिका का *बिना सूचना अनुपस्थित रहना* और *बच्चों से श्रम कराना* गंभीर कदाचार है। इसमें *तत्काल सेवा समाप्ति* का प्रावधान है। पंचनामा मिलने के बाद *7 दिन में जांच कर कार्रवाई* करना CDPO की जिम्मेदारी है।

_निडर आवाज की पड़ताल जारी है। अगर आपकी आंगनवाड़ी में भी ऐसा हो रहा है तो 8717963265 पर सबूत भेजें।_

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