जमुआनी कलां हादसा: 8 दिन बीत गए, पटवारी को निरीक्षण का टाइम नहीं! क्या माइंस संचालक के दबाव में सिस्टम?
'नॉट रिचेबल' से 'नॉट केपेबल' तक: जमुआनी कलां खदान हादसे पर राजस्व-खनिज विभाग की चुप्पी ?

हादसे के खुलासे के 8 दिन बाद भी जांच अधूरी: पटवारी बोले ‘घटना हुई’, रिपोर्ट नहीं… कलेक्टर ऑफिस भी खामोश
*कटनी। निडर आवाज ब्यूरो।*
विजयराघवगढ़ विधानसभा की जमुनिया कलां खदान हादसे का खुलासा हुए 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन की फाइलें अब भी वहीं की वहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि *राजस्व विभाग का हल्का पटवारी खुद घटना स्वीकार कर रहा है, फिर भी निरीक्षण रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहा?
*1. पटवारी ‘टाइम नहीं दे पा रहा’ – 8 दिन से जांच लटकी*
सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद से पटवारी से निरीक्षण और जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन खुलासे के 8 दिन बीत जाने के बाद भी पटवारी निरीक्षण का समय नहीं दे पा रहा है।
निडर आवाज से बातचीत में पटवारी ने घटना होना स्वीकार किया था, इसके बावजूद रिपोर्ट में देरी सीधे तौर पर *संदेह को जन्म देती है।*
*सवाल:* क्या माइंस संचालक के दबाव में पटवारी जानबूझकर रिपोर्ट लटका रहा है?
*2. ड्राइवर-ऑपरेटर-कंडक्टर का अता-पता नहीं, प्रशासन खामोश*
इतने बड़े हादसे के बाद सबसे जरूरी काम होता है लापता लोगों की पहचान और उनके परिवारों को सूचना देना।
*लेकिन 8 दिन बाद भी प्रशासन ये तक नहीं बता पा रहा कि खदान में कितने ड्राइवर, ऑपरेटर, कंडक्टर थे और वो सुरक्षित हैं या नहीं। घायलों की आधिकारिक पुष्टि तक नहीं हुई है।
*3. खनिज विभाग की चुप्पी – ‘सिस्टम फेल’ की तस्वीर*
इस पूरे मामले में खनिज विभाग भी पूरी तरह खामोश है। DMO नॉट रिचेबल, इंस्पेक्टर खुद को असक्षम बता रहे हैं।
जब जिम्मेदार विभाग ही मुंह बंद कर ले तो जांच कौन करेगा?
*4. उच्च अधिकारी भी ‘साइलेंट मोड’ में*
सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इतने गंभीर हादसे के बाद भी *कलेक्टर कार्यालय और अन्य उच्च अधिकारियों की तरफ से कोई बयान, कोई दौरा, कोई जांच टीम नहीं।*
इस चुप्पी से साफ है कि मामला दबाने की कोशिश हो रही है।
*निडर आवाज के 3 सवाल प्रशासन से:*
1. *8 दिन में एक पटवारी से निरीक्षण क्यों नहीं हो पाया?* क्या इसके पीछे माइंस माफिया का दबाव है?
2. * मजदूरों की सूची अब तक क्यों नहीं बनी?* उनकी सुरक्षा और मुआवजे की जिम्मेदारी किसकी?
3. *खनिज और राजस्व विभाग के अधिकारी निलंबित कब होंगे?* कर्तव्यहीनता पर BNS 166 के तहत FIR कब होगी?
*निष्कर्ष:*
*एक तरफ अवार्ड और फोटो। दूसरी तरफ हादसा और लापरवाही।*
बिस्तरा की बोरा कंपनी (लाइम स्टोन) की मनमानी और जमुनिया कलां हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, ये पूरे सिस्टम की नाकामी का सबूत है। जब तक पटवारी से लेकर कलेक्टर तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक कटनी में ग्रामीणों/मजदूरों की जान इसी तरह सस्ती रहेंगी।
अब की गेंद कलेक्टर महोदय के पाले में है। 8 दिन बहुत होते हैं। अब और देरी बर्दाश्त नहीं होगी।*
रिपोर्ट: महेंद्र सोनी, निडर आवाज, कटनी
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