#KatniNews: वाह रे नगर निगम! मुआवजा भी ले लिया और पुल की दीवार तोड़कर फिर से खड़ी कर लीं दुकानें, कमिश्नर मौन!
मिशन चौक पर 'विकास' ढूंढ रहे राहगीर, चांडक चौक की बदहाली पर अधिकारियों ने फेरा मुंह

कागजों पर ‘कायाकल्प’ और जमीनी हकीकत सिफर: कटनी के मिशन चौक और चांडक चौक पर कमिश्नर की ‘निगाहें करम’ क्यों नहीं?
कटनी। कटनी नगर निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली की खबरें इन दिनों सोशल मीडिया और मीडिया के गलियारों में इस कदर प्रसारित हो रही हैं, मानो उन्होंने शहर की सूरत ही बदल दी हो। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। शहर के दो सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण चौराहे—मिशन चौक और चांडक चौक—आज अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। न जाने क्यों, इन दोनों चौराहों की मूल समस्याओं पर नगर निगम कमिश्नर की निगाहें करम नहीं हो रही हैं।
चांडक चौक: पुल की सुरक्षा दीवार तोड़कर अवैध दुकानें तनीं, मुआवजा लेकर फिर निर्माण!*
चांडक चौक पर सरकारी संपत्ति और नियमों के साथ सरेआम खिलवाड़ चल रहा है।
सुरक्षा दीवार से छेड़छाड़:* विगत दिनों चांडक चौक पुल की सुरक्षा दीवार को तोड़कर व्यावसायिक दुकानों का अवैध निर्माण करवा लिया गया।
मुआवजा भी लिया, जमीन भी दबाई:
सूत्रों से मिली सनसनीखेज जानकारी के मुताबिक, संबंधित निर्माणकर्ता ने इस स्थान का सरकार से बाकायदा मुआवजा भी उठा लिया है। इसके बावजूद, जिम्मेदारों की मिलीभगत या उदासीनता के चलते उसने उसी जगह पर पुनः नया अवैध निर्माण खड़ा कर लिया।
शिकायतें डस्टबिन में:* ऐसा नहीं है कि नगर निगम आयुक्त को इस गंभीर गड़बड़ी की जानकारी नहीं है। उन्हें इस संबंध में बाकायदा लिखित शिकायतें भी दी गईं, लेकिन आज तक कार्रवाई के नाम पर नतीजा बिल्कुल ‘नगण्य’ रहा है। प्रशासन मूकदर्शक बनकर सब देखता रहा।

मिशन चौक: खुलेआम सज रहीं मांस-मछली की दुकानें, स्कूली बच्चों और राहगीरों का जीना मुहाल
शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले मिशन चौक की आबो-हवा को पूरी तरह दूषित कर दिया गया है।
सरेआम अवैध बाजार* : इस मुख्य चौराहे की मेन रोड पर खुलेआम बकरे, मुर्गे, अंडे और मछली की दुकानें सजी हुई हैं। इनसे निकलने वाली भयंकर सड़ांध ने आसपास के अन्य दुकानदारों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों का जीवन नर्क बना दिया है।
संवेदनशील स्थल भी बेअसर* : मिशन चौक एक बेहद संवेदनशील और सार्वजनिक क्षेत्र है। यहां प्रतिष्ठित मिशन स्कूल है, जहां रोजाना हजारों की तादाद में मासूम बच्चे पढ़ने आते हैं। इसके ठीक पास यातायात पुलिस चौकी और पेट्रोल पंप भी मौजूद हैं।
अतिक्रमणकारियों को खुली छूट:* स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि नगर निगम को कार्रवाई करने के लिए आखिर और कितना बड़ा सार्वजनिक स्थल चाहिए? आखिर क्यों इन दुकानों को किसी अन्य निर्धारित मीट मार्केट या जगह पर स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है?
जनता की मांग: पीआर छोड़ जमीनी मुद्दों पर आएं आयुक्त
कमिश्नर साहिबा के केवल प्रचार-प्रसार और कागजी कायाकल्प से जनता त्रस्त हो चुकी है। स्थानीय जागरूक नागरिकों और दुकानदारों ने जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि वे अपनी पब्लिसिटी की खबरों से बाहर निकलें। चांडक चौक के अवैध निर्माण को तत्काल ढहाया जाए और मिशन चौक से खुले में चल रहे मांस-मछली के व्यापार को तुरंत हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि शहरवासियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।




