“स्कूल और किसान दोनों का हित बचे” – सेठ महादेव प्रसाद के वंशज का बड़ा बयान: मांगी प्रिंसिपल-किसान-कलेक्टर की संयुक्त बैठक
"हमने 5000 एकड़ जमीन गरीबों को लौटाई" - सेठ महादेव प्रसाद के वंशज कृष्ण कुमार अग्रवाल का बयान, बोले "किसानों का अहित नहीं होने देंगे"

*रास्ता विवाद में दानदाता परिवार आया सामने*
*”किसान और स्कूल दोनों का हित बचे” – कृष्ण कुमार अग्रवाल ने मांगी संयुक्त बैठक*
*कटनी/कन्हवारा।* `निडर आवाज`कन्हवारा स्कूल के 50 साल पुराने रास्ते को लेकर मचे विवाद में अब *दानदाता परिवार* ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जमीन दान करने वाले *सेठ महादेव प्रसाद अग्रवाल* के वंशज *श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल* ने `निडर आवाज` से बातचीत में बड़ा बयान दिया है।
*”गांव के हित के लिए दी थी जमीन”*

कृष्ण कुमार अग्रवाल ने कहा:
> _”हमारे पूर्वजों ने गांव वालों के हित के लिए ही स्कूल बनवाने और स्कूल की आमदनी के लिए रोड से लगी खेतिहर जमीन दान दी थी। उद्देश्य साफ था कि गांव के लोगों के बच्चे पढ़ सकें और गांव का विकास हो।”_
*”किसानों का अहित नहीं होना चाहिए“*

उन्होंने आगे कहा:
> _”मेरा मानना है कि किसानों का हित और स्कूल का हित दोनों प्रभावित न हों, ऐसा उपाय करना चाहिए। हम नहीं चाहते किसी का भी हित प्रभावित हो।”_
*संयुक्त मीटिंग की मांग*
समाधान के लिए कृष्ण कुमार अग्रवाल ने मांग की कि *एक संयुक्त मीटिंग बुलाई जाए* जिसमें:
1. *स्कूल प्रिंसिपल*
2. *प्रभावित किसान*
3. *संभव हो तो कलेक्टर साहब*
सब बैठकर इसका स्थाई समाधान निकालें।

*5000 एकड़ जमीन दान का जिक्र*
बातचीत में उन्होंने यह भी बताया:
> _”हमारे पूर्वजों की संपत्ति लगभग 5 हजार एकड़ भूमि को हमने गरीबों और किसानों को लौटाया है।”_
*विवाद की पृष्ठभूमि*
गौरतलब है कि कन्हवारा स्थित सेठ महादेव प्रसाद अग्रवाल स्कूल के प्रिंसिपल वीरेंद्र मरकाम ने 50 साल पुराना आम रास्ता बंद करने की बात कही है। इससे एक दर्जन से ज्यादा किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। एसडीएम ने जांच की बात कही है, लेकिन DEO से संपर्क नहीं हो सका।
*निडर आवाज की मांग*
`निडर आवाज` जिला प्रशासन से मांग करता है कि दानदाता परिवार के सुझाव पर अमल करते हुए शीघ्र संयुक्त बैठक बुलाई जाए और 50 साल पुराने रास्ते को बचाकर किसानों और स्कूल दोनों का हित सुनिश्चित किया जाए।




