प्राचीन स्वयं भू शिव मंदिर में श्रावण की आस्था: दो मासूमों ने लगन से रचा शिवलिंग,पहले सोमवार को मंदिर में दिखा अद्भुत दृश्य:
कन्हवारा के प्राचीन शिव मंदिर से दिल छू लेने वाला नजारा

श्रावण के पहले सोमवार को दो बच्चों ने मिट्टी से शिवलिंग बनाकर दिखाई अद्भुत भक्ति
एक तरफ अखंड संगीतमय संकीर्तन, दूसरी तरफ मासूम हाथों की आस्था
*कटनी।*
श्रावण माह की आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा आज कन्हवारा के प्राचीन शिव मंदिर में देखने को मिला। श्रावण के पहले सोमवार पर जहां मंदिर में अखंड एक मास का संगीतमय संकीर्तन चल रहा है, वहीं दो मासूम बच्चों ने अपनी बाल सुलभ भक्ति से सभी का मन मोह लिया।

मंदिर परिसर में दो बच्चे बड़ी लगन और एकाग्रता के साथ मिट्टी और पानी से शिवलिंग का निर्माण करते नजर आए। उनके चेहरे पर भक्ति का भाव और हाथों की सफाई देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी भावुक हो उठे।
उल्लेखनीय है कि पूरे श्रावण माह यहां अखंड संगीतमय संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। भजन-कीर्तन की मधुर धुनों के बीच बच्चों द्वारा बनाए गए इस शिवलिंग ने माहौल को और भी भक्तिमय कर दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कन्हवारा का यह प्राचीन शिव मंदिर श्रावण में आस्था का केंद्र बन जाता है। बच्चों की इस निश्छल भक्ति को देखकर यह संदेश भी मिलता है कि धर्म और संस्कार अगली पीढ़ी में भी जीवित हैं।
मंदिर समिति ने भी बच्चों की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी आस्था ही हमारी संस्कृति की पहचान है।




