कटनी मंडी गेट पर प्रवेश शुल्क में अनियमितता के आरोप: किसान की रसीद 5 रु की, वसूली 10 रु का वीडियो वायरल
कटनी कृषि मंडी में वसूली को लेकर सवाल: वीडियो में 5 रु की पर्ची, 10 रु लेते दिखे कर्मचारी, प्रभारी कार्यालय से नदारद
कटनी मंडी गेट पर प्रवेश शुल्क वसूली में अनियमितता के आरोप, वीडियो वायरल
*कटनी।* कृषि उपज मंडी समिति कटनी के आवक गेट पर प्रवेश शुल्क वसूली को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को किसान को 5 रुपए की रसीद देते और 10 का सिक्का लेते देखा जा सकता है। वहीं एक किसान द्वारा दिखाई गई सरकारी रसीद में भी 5 रुपए दर्ज हैं।
*वीडियो और रसीद में अंतर*
वीडियो में टेबल पर बैठे कर्मचारी रसीद काटकर दे रहे हैं और किसान से 10 रु का सिक्का ले रहे हैं। दूसरी ओर कृषि उपज मण्डी समिति कटनी की रसीद क्रमांक 019 में वाहन क्रमांक MP 20 4502 के लिए “पाँच रुपये” प्रवेश शुल्क दर्ज है। एक अन्य वीडियो में मूंग-उड़द लेकर आए किसान ने गेट पास के 10 रुपए देने की बात कही।
*प्रभारी कार्यालय से नदारद, सचिव बैठक में*
आरोपों के संबंध में “निडर आवाज” की टीम मंडी सचिव डॉ. रामनाथ पटेल से उनका पक्ष लेने उनके कार्यालय पहुंची, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे। कार्यालय में तैनात कर्मी ने बताया कि साहब टीएल बैठक में शामिल होने गए हैं। आवक-जावक गेट प्रभारी राजकुमार पंचेश्वर के भी कार्यालय में न होने की जानकारी मिली।
*किसानों और ड्राइवरों के बयान*
वीडियो में एक ड्राइवर को कहते सुना जा सकता है कि “पर्ची में पाँच रुपए लिखा रहता है, नहीं दस लेते हैं जी”। किसान संगठनों का कहना है कि यदि शुल्क 5 रु तय है तो वसूली भी उसी हिसाब से होनी चाहिए। पारदर्शिता न होने से किसानों में असमंजस है।
*सवाल और मांग*
1. कृषि कार्य में उपयोग होने वाले वाहनों से प्रवेश शुल्क का प्रावधान और दर क्या है?
2. रसीद की राशि और वसूली गई राशि में अंतर क्यों?
3. गेट पर वसूली की निगरानी और उत्तरदायित्व किसका है?
किसानों ने कलेक्टर और मंडी समिति से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर नियमों को सार्वजनिक किया जाए और गेट पर शुल्क दर का बोर्ड लगाया जाए।

*मंडी प्रशासन का पक्ष*
खबर प्रकाशन तक मंडी सचिव डॉ. रामनाथ पटेल और आवक-जावक प्रभारी राजकुमार पंचेश्वर ने कहा कि छुट्टे पैसे की के कारण ये समस्या उत्पन्न होती। कई बार किसान दस रुपए देकर चले जाते है और बाद में एडजस्ट होता है, । वहीं मंडी सचिव कार्यालय के कर्मी के अनुसार सचिव टीएल बैठक में हैं। उनका पक्ष/स्पष्टीकरण मिलने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। प्रवेश शुल्क वसूली के नियमों की पुष्टि मंडी समिति के रिकॉर्ड से ही हो सकेगी।
*नोट:* यह खबर किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो, रसीद और बयानों पर आधारित है। आरोपों की सत्यता और वसूली की वैधानिकता की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। “निडर आवाज” किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं मानता। सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।



