नोटिस गया, कांग्रेस आई, फिर भी नहीं रुकी लूट – कटनी मंडी में 5 की रसीद से 10 रुपए वसूली का खेल जारी
किसान की जेब पर डाका: कटनी मंडी में 5 रुपए की जगह वसूले 10, सचिव ने भी मानी बात

‘छुट्टे नहीं इसलिए 10 ले लो’ – मंडी सचिव का कबूलनामा! कटनी मंडी में ‘5 की रसीद, 10 की वसूली’ का सरकारी लाइसेंस
कटनी। निडर आवाज ब्यूरो।
कृषि उपज मंडी समिति कटनी में किसानों की जेब पर डाका डालने का खेल अब “सरकारी नीति” बन गया है। मंडी सचिव ने खुद मान लिया है कि उन्हें पता है कि 5 रुपए की जगह 10 रुपए वसूले जा रहे हैं, लेकिन वो इसे “छुट्टे न होने की मजबूरी” बता रहे हैं। मतलब अब अवैध वसूली के लिए भी “सरकारी तर्क” मिल गया।
*पूरा मामला क्या है?*
कुछ दिन पहले रसीद क्रमांक 019 वायरल हुई थी। वाहन MP 20 JE 4507 के लिए रसीद पर 5 रुपए लिखे थे, लेकिन गेट पर कर्मचारी 10 रुपए मांग रहा था।
वीडियो वायरल होते ही *मंडी सचिव डॉ. रामनाथ पटेल* ने नोटिस जारी कर जांच की बात कही थी। *कल जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला* भी टीम के साथ मंडी पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी। लेकिन 24 घंटे में कुछ नहीं बदला। वसूली जस की तस।
सबसे बड़ा धमाका: सचिव का बयान*
मामले पर सफाई देते हुए मंडी सचिव ने कहा: “नोटिस जारी किया गया था कि पुनरावृत्ति न हो। जवाब में बताया गया कि छुट्टे पैसे न होने के कारण 5 की जगह 10 लिए जाते हैं। हम फिर से जांच करवाएंगे।”

*सीधा मतलब:* सचिव खुद मान रहे हैं कि अवैध वसूली हो रही है और वो इसे जायज भी ठहरा रहे हैं।
कानून क्या कहता है?*
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि मंडी अधिनियम में “छुट्टे नहीं हैं इसलिए ज्यादा वसूलो” जैसा कोई नियम नहीं है।
ये सीधे-सीधे *BNS धारा 318 – धोखाधड़ी और धारा 409 – लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात* है।
एक दिन में 500 वाहन से 5-5 रुपए एक्स्ट्रा मतलब 2500 रुपए रोज। महीने के 75 हजार। साल के 9 लाख। *ये पैसा जा कहां रहा है?*
*किसानों में आक्रोश: ‘ये मजबूरी नहीं, लूट है’*

किसानों का कहना है: *”साहब अगर छुट्टे नहीं हैं तो 5 का सिक्का रखो। हमें 5 की रसीद दो और 5 वापस करो। 10 क्यों ले रहे हो? नोटिस और दौरे से पेट नहीं भरता, कार्रवाई चाहिए।”
1. *त्काल FIR:* सचिव के कबूलनामे के आधार पर गेट पर वसूली कर रहे कर्मचारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो।
2. *6 महीने का ऑडिट:* कितनी रसीदें 5 की कटी और कितने 10 वसूले। अंतर का पैसा रिकवर हो।
3. *पारदर्शिता:* 24 घंटे में हर गेट पर रेट लिस्ट का बड़ा बोर्ड + UPI/QR कोड अनिवार्य हो। छुट्टे की जिम्मेदारी मंडी की है।
4. *निलंबन:* प्रभारी मंडी निरीक्षक सहित दोषी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
*निष्कर्ष: कटनी मंडी या ‘लूट मंडी‘?*
*एक तरफ “किसान सम्मान निधि” के बड़े-बड़े दावे। दूसरी तरफ मंडी गेट पर 5-5 रुपए की लूट।*

जब मंडी का मुखिया ही अवैध वसूली को “मजबूरी” कह दे, तो कर्मचारी क्यों मानेंगे?
अब गेंद *कलेक्टर महोदय और मंडी बोर्ड* के पाले में है। देखना है वो इस “कबूलनामे” पर गाज गिराते हैं या “फिर जांच होगी” कहकर फाइल बंद कर देते हैं।
*कटनी के किसान अब हिसाब मांग रहे हैं। 5 का।*
रिपोर्ट: महेंद्र सोनी, निडर आवाज, कटनी*




