टॉप न्यूज़

लाठी खाई थी 2017 में, 2026 में मिली कमान – अजय खटीक बने NSUI कटनी जिला अध्यक्ष

9 साल की तपस्या सफल, अजय खटीक अब NSUI कटनी के सारथी

संघर्ष को मिला इनाम, अजय खटीक बने एनएसयूआई के कटनी जिला अध्यक्ष

 

*कटनी*। छात्र राजनीति में “संघर्ष” ही पहचान बन जाए तो मंजिल देर-सवेर मिल ही जाती है। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं अजय खटीक। 2017 में कोतवाली में मारपीट सहने वाले एनएसयूआई कार्यकर्ता अजय खटीक को 9 साल बाद पार्टी ने कटनी जिले की कमान सौंप दी है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी और मध्य प्रदेश अध्यक्ष ने 19 जुलाई 2026 को जारी सूची में अजय खटीक को *एनएसयूआई कटनी जिला अध्यक्ष* नियुक्त किया है।

*2017: संघर्ष की शुरुआत*

साल 2017 में कटनी मेडिकल कॉलेज में लेटरल एंट्री और सांसद को काले झंडे दिखाने के मामले में अजय खटीक सुर्खियों में आए थे। आरोप था कि प्रदर्शन के बाद कोतवाली में उनसे मारपीट की गई थी। उस समय पत्रिका में खबर छपी थी – “एनएसयूआई कार्यकर्ता के साथ कोतवाली में हुई मारपीट पर एसपी से कार्रवाई की मांग”।

उस घटना के बाद भी अजय पीछे नहीं हटे। संगठन के लिए गली-गली, कॉलेज-कॉलेज में छात्रहित के मुद्दों को उठाते रहे। छात्रवृत्ति, फीस वृद्धि, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर वो लगातार सड़क पर दिखे।

*2026: संघर्ष का परिणाम*

9 साल के लगातार संघर्ष, जमीनी सक्रियता और संगठन के प्रति निष्ठा को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। नई सूची में अजय खटीक का नाम कटनी जिला अध्यक्ष के रूप में 9वें नंबर पर घोषित हुआ है।

नियुक्ति के बाद अजय खटीक ने कहा कि “ये एक व्यक्ति की जीत नहीं, उन सभी कार्यकर्ताओं की जीत है जो छात्रहित के लिए बिना पद के भी संघर्ष करते हैं। कटनी के छात्रों की आवाज बनकर उनकी हर समस्या को शासन तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकता रहेगी।”

*आगे की चुनौती*

अब अजय खटीक के सामने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई को जीत दिलाने की जिम्मेदारी है। 2017 में लाठी खाने वाला कार्यकर्ता आज जिले का नेतृत्व कर रहा है – यही राजनीति में संघर्ष का इनाम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!