स्लीमनाबाद की छपरा पंचायत में रामायण पर बवाल, 2 ग्रामीणों का वीडियो वायरल
जांच के बीच ग्रामीणों की सफाई: "गांव की सहमति से हुआ रामायण, राजनीति न करें"

छपरा विवाद में नया मोड़: “शुद्धिकरण नहीं हुआ” – “कीर्तन पहले से होते हैं” ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
स्लीमनाबाद, कटनी। कटनी जिले की *स्लीमनाबाद जनपद की छपरा पंचायत में रामायण आयोजन को लेकर मचे बवाल पर अब गांव के लोगों ने खुद सामने आकर सफाई दी है। विवाद के बीच 2 ग्रामीणों के वीडियो बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पिछले सप्ताह छपरा पंचायत में रामायण और कीर्तन-भजन का आयोजन किया गया था। इसी दौरान पंचायत के *पूर्व सचिव बनाम सरपंच पति* के बीच टकराव सामने आ गया।
आरोप लगा कि आयोजन की आड़ में धार्मिक भावनाओं को भड़काया गया और ST-SC वर्ग के पूर्व सचिव को हटाए जाने के बाद जानबूझकर ये कार्यक्रम किया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो *प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच* के आदेश दे दिए।

वहीं प्रथम पक्ष ने इसे “शुद्धिकरण” और “जातिगत एंगल” से जोड़कर शिकायत की है। इसके बाद से पंचायत में तनाव का माहौल था।
*ग्रामीणों के 2 बयान आए सामने*
*1. पहला बयान: संतोष कुमार हल्दकार
संतोष हल्दकार ने वीडियो में कहा कि
_”ग्राम पंचायत छपरा में जो भी रामायण का प्रोग्राम रखा गया, वह पूरे गांव की रजामंदी से रखा गया। हम लोग हनुमान मंदिर में भी रामायण करते रहते हैं। इसमें किसी भी प्रकार का कोई शुद्धिकरण या कुछ भी गलत नहीं है। हम लोग रामायण एक सद्भावना के हिसाब से करते हैं।”_
*2. दूसरा बयान: पंचायत के अन्य ग्रामीण*
दूसरे ग्रामीण ने कहा कि
_”मैं छपरा पंचायत से हूं। जो उस दिन कीर्तन-भजन हुए थे, इसके पहले भी कई बार हुए हैं। क्योंकि इसमें सरपंच पति नीरज गुप्ता जी का कीर्तन-भजन में लगाव है, वो करवाते रहते हैं। इसमें जो बोला जा रहा है कि ST-SC सचिव जो हट गए हैं उनके चक्कर में ये सब हुआ है, तो ये सब गलत है। वो तो कई बार हुए हैं भजन-कीर्तन।”_
*ग्रामीणों की मांग*
दोनों ही ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि धार्मिक आयोजन को पंचायत की राजनीति और जाति से जोड़ना गलत है। गांव में भाईचारे और सद्भाव के साथ पहले की तरह आयोजन होते रहेंगे। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग भी की।




