औरंगाबाद के इंजीनियर के बेटे से जंतर-मंतर का चेहरा! कौन है अभिजीत दिपके जिसने लाखों युवाओं को एकजुट किया
जंतर-मंतर पर लाखों युवाओं की आवाज बना अभिजीत दिपके आखिर है कौन? जानिए संघर्ष की कहानी

CJP से हिला दिया सिस्टम! अभिजीत दिपके – AAP से जंतर-मंतर तक का सफर
नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर। निडर आवाज ब्यूरो। जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ लाखों युवाओं को एकजुट करने वाले चेहरे की आज पूरे देश में चर्चा है। नाम है अभिजीत दिपके। न कोई राजनीतिक बैकग्राउंड, न करोड़ों की विरासत। महाराष्ट्र के एक साधारण मध्यमवर्गीय दलित परिवार का बेटा आज राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है।

साधारण शुरुआत, बड़ा सपना
29 सितंबर 1995 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में जन्मे अभिजीत का बचपन बिल्कुल आम भारतीय घरों जैसा था। पिता *भगवानराव दिपके* महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम में इंजीनियर थे और अब सेवानिवृत्त हैं। माता *अनीता दिपके* गृहिणी हैं। परिवार आज भी छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में सादगी से रहता है।

लाखों युवाओं की तरह अभिजीत का सपना भी “पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी” पाने का था। पिता ने मैनेजमेंट कोटे से इंजीनियरिंग में दाखिला कराया, लेकिन अभिजीत का मन नहीं लगा। उन्होंने पहले साल की परीक्षा तक नहीं दी।
इंजीनियरिंग छोड़ी, कलम उठाई
यहीं से मोड़ आया। रुचि को पहचानकर अभिजीत पुणे गए और पत्रकारिता और मास मीडिया की पढ़ाई की। यहीं से राजनीतिक संचार की यात्रा शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित Boston University से Public Relations में http://M.Sc. की डिग्री ली।

अभिजीत खुद कहते हैं _”बचपन में अमेरिका जाने का सपना भी नहीं देखा था।”_
AAP से जंतर-मंतर तक
2020 से 2023 तक अभिजीत आम आदमी पार्टी की केंद्रीय सोशल मीडिया टीम में राजनीतिक संचार रणनीतिकार रहे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में Communication Consultant के रूप में मनीष सिसोदिया और आतिशी के साथ भी काम किया।
लेकिन असली पहचान मई 2026 में बनी। NEET पेपर लीक, परीक्षा सुधार और बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर उन्होंने *’कॉकरोच जनता पार्टी – CJP‘ नाम से डिजिटल आंदोलन शुरू किया। देखते ही देखते ये अभियान सोशल मीडिया से निकलकर जंतर-मंतर तक पहुंच गया और हजारों युवाओं की आवाज बन गया।
ये कहानी एक व्यक्ति की नहीं
अभिजीत दिपके की कहानी उस भारत की कहानी है जहां सीमित संसाधनों वाला एक युवा अपनी मेहनत, शिक्षा और विचारों के दम पर सत्ता को सवाल पूछने पर मजबूर कर देता है।

अब आप बताइए:
अभिजीत दिपके और उनके CJP आंदोलन का आप समर्थन करते हैं या विरोध?
*करते हैं तो क्यों? नहीं करते तो क्यों नहीं?* कमेंट में अपनी राय जरूर दें।




