“क्या यही है पब्लिक की सरकार?” – बस किराया बढ़ोतरी पर भड़की जनता, विपक्ष से सड़क पर उतरने की मांग
बस संचालकों के अल्टीमेटम के आगे झुकी सरकार, प्रकाश त्रिपाठी बोले - जनता पिस रही, कांग्रेस जैसी हालत होगी

“ऐसे ही फैसले लेते चले, सरकार जल्द ही कांग्रेस जैसी हालत होंगी”
भोपाल।* मध्यप्रदेश में बसों के किराए में वृद्धि को लेकर राजनीति गरमा गई है। प्रदेश सरकार ने बस संचालकों के दबाव में आकर किराया बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बस संचालकों ने कुछ दिन पहले पूरे प्रदेश में बसों के चक्के जाम करने का अल्टीमेटम दिया था। इसी दबाव में सरकार ने तुरंत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
“जनता के हितों की अनदेखी”
इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि _”सरकार ने जनता के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा। पहले से ही महंगाई से जनता त्रस्त है और अब बस किराया बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ दी गई है।”_
उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा, *“क्या यही है पब्लिक की सरकार? बस संचालकों का अल्टीमेटम आते ही सरकार मान गई। ऐसे ही फैसले लेते रहे तो सरकार की हालत जल्द ही कांग्रेस जैसी हो जाएगी।”*
प्रकाश त्रिपाठी ने विपक्ष से अपील की कि *”विपक्ष को इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करना चाहिए।“*
*जनता में आक्रोश*
किराया बढ़ने की खबर से रोजाना बस से सफर करने वाले छात्र, मजदूर और कर्मचारी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि डीजल-महंगाई के नाम पर बार-बार जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के फैसले सरकार को भारी पड़ सकते हैं।




