3 महीने से दबा है बारदाना गबन का मामला, ओबीसी महासभा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
*कटनी की सहकारी समितियां बनीं भ्रष्टाचार का अड्डा, ओबीसी महासभा सड़क पर उतरेगा

प्रशासन की सुस्ती से बढ़ रहा जनाक्रोश: अमाड़ी समिति में बाप-बेटे का कब्जा, कांटी गेहूं खरीदी केंद्र में 3 महीने से लंबित है बारदाना गबन की जांच
*कटनी।* जिले की सहकारी समितियों में व्याप्त अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ *ओबीसी महासभा* ने मोर्चा खोल दिया है। महासभा के जिलाध्यक्ष ने 7 अगस्त 2026 को कलेक्टर कटनी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर दो अलग-अलग मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।
पहला मामला: अमाड़ी सहकारी समिति में परिवारवाद
शिकायत में कहा गया है कि *बड़वारा जनपद क्षेत्र के अमाड़ी गांव* की सहकारी समिति के पूर्व विक्रेता *रामकृष्ण गौतम* ने समिति को अपना निजी संस्थान बना लिया है। आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को ही सभी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर रखा है। इतना ही नहीं, बिना किसी निविदा प्रक्रिया के अपने ही पुत्र निलेश गौतम को पद का हस्तांतरण कर दिया गया।
ओबीसी महासभा का कहना है कि इस तरह के परिवारवाद से समिति के कार्यों में पारदर्शिता नहीं रह गई है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इससे गांव के आम किसानों और सदस्यों में अविश्वास और आक्रोश व्याप्त है।
दूसरा मामला: कांटी गेहूं खरीदी केंद्र में बारदाना गबन
दूसरा मामला *विजयराघवगढ़ तहसील के गेहूं खरीदी केंद्र, कांटी* से जुड़ा है। यहां 10000 हजार बारदाना गबन का मामला सामने आया था। एसडीएम द्वारा जांच कर *अनमोल दुबे* को इस मामले में दोषी पाया गया था। लेकिन शिकायत के 3 महीने बीत जाने के बाद भी दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
महासभा ने कहा कि कार्रवाई में हो रही देरी से प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास कम हो रहा है।
*उग्र आंदोलन की चेतावनी*
ओबीसी महासभा ने कलेक्टर से मांग की है कि सहकारिता अधिनियम के तहत दोनों मामलों में उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ओबीसी महासभा उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। इसकी पूरी जवाबदारी प्रशासन की होगी।




