कलेक्टर ऑफिस की छत गिरेगी या पहले सिस्टम? सहकारिता विभाग की जर्जर दीवार का फोटो वायरल
जर्जर दीवार के पीछे जर्जर सिस्टम! कटनी सहकारिता में 4 जगह वंशवाद, अमाड़ी कांटी में 7 महीने से रिटायर्ड चला रहा दुकान

“सहायक आयुक्त सहकारिता” के बोर्ड के नीचे गहरी दरारें, वंशवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों से भी घिरा विभाग
*कटनी।* जिले के *कलेक्टर कार्यालय परिसर* में स्थित *सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें कटनी* का कार्यालय खुद जर्जर हालत में है।
हमारे पास पहुंची तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि *कार्यालय के नेमप्लेट के नीचे दीवार में लंबी-लंबी दरारें* पड़ गई हैं। प्लास्टर उखड़कर गिर चुका है। इसके बावजूद यहां रोजाना अधिकारी-कर्मचारी और फरियादी जान जोखिम में डालकर आ-जा रहे हैं।
जब खुद कार्यालय सुरक्षित नहीं तो न्याय कैसे मिलेगा?
जब *सहकारिता आयुक्त के कार्यालय* की हालत ये है तो उससे आम जनता को न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। इसी विभाग पर *वंशवाद और भ्रष्टाचार* के गंभीर आरोप भी लगे हैं।

*बड़वारा में वंशवाद के 4 मामले*
कटनी के *बड़वारा तहसील* में सहकारिता विभाग वंशवाद का अड्डा बन चुका है। यहां *पिता-पुत्र, चाचा-भतीजा* समेत 4 मामलों में अपनों को नौकरी का लाभ दिया गया। इससे स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
अमाड़ी कांटी का सबसे बड़ा घोटाला
*अमाड़ी कांटी सहकारी समिति* में नियमों की धज्जियां उड़ी हैं। यहां *पूर्व विक्रेता रामकृष्ण गौतम* 7 महीने पहले रिटायर हो चुके हैं, लेकिन आज भी उनका नाम *POS मशीन* में चल रहा है। उनकी जगह उनका बेटा *निलेश गौतम* राशन दुकान चला रहा है।

इसकी शिकायतें *कलेक्ट्रेट से लेकर सीएम हेल्पलाइन* तक पहुंचीं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
मीडिया लिख रहा, विभाग सो रहा
लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार मौन हैं। सवाल ये है कि जो विभाग अपने *ऑफिस की दीवार* तक नहीं संभाल पा रहा, वो प्रदेश की सहकारी संस्थाओं को कैसे संभालेगा?

स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से *जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत* और *वंशवाद की उच्च स्तरीय जांच* की मांग की है।




