पन्ना मोड़ पर हंगामा: बिना आदेश बुलडोजर लेकर पहुंचा निगम, भाजपा नेताओं ने रुकवाई कार्रवाई*
"बुलडोजर रोक दिया" : युवा भाजपा नेता मृदुल मिश्रा ने नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते को दिखाया आइना

“फौजी का घर तोड़ने आए थे” : भाजपा नेताओं ने नगर निगम अधिकारी को कोर्ट आदेश दिखाने को कहा, अधिकारी चुप
कटनी। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते की मनमानी को मंगलवार को युवा भाजपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर नाकाम कर दिया। पन्ना मोड़ स्थित फौजी बारे लाल पटेल के मकान को तोड़ने पहुंचे निगम के अतिक्रमण अधिकारी मानवेंद्र सिंह को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मृदुल मिश्रा और पार्षद शशिकांत तिवारी ने कड़े सवालों के घेरे में ले लिया। तीखी बहस के बाद निगम को बुलडोजर लेकर बैरंग लौटना पड़ा।

क्या है मामला
निगम प्रशासन का आरोप है कि फौजी बारे लाल पटेल ने बिना अनुमति के भवन निर्माण कराया है। इसी को लेकर अतिक्रमण अधिकारी मानवेंद्र सिंह अपने दल-बल और बुलडोजर के साथ पन्ना मोड़ पहुंचे थे।
इसी बीच सूचना मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मृदुल मिश्रा और पार्षद शशिकांत तिवारी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।

नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा नेता मृदुल मिश्रा ने कहा कि यह एक सैनिक का मकान है। सामने का हिस्सा जर्जर होने के कारण केवल मरम्मत कराई गई है। निगम ने सिर्फ नोटिस दिया था, लेकिन बिना किसी कोर्ट आदेश के सीधे बुलडोजर लेकर तोड़फोड़ करने पहुंच गए। यह सरासर गलत है।

पार्षद शशिकांत तिवारी ने अधिकारी पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “आप लोग खुद रोड पर ठेले-टपरे लगवाते हो और उनसे 2 हजार रुपये वसूलते हो। डन कॉलोनी के पास भी यही खेल चल रहा है। गरीब और फौजी के घर पर बुलडोजर चलाने से पहले खुद के गिरेबान में झांको।”

भाजपा नेताओं ने अतिक्रमण अधिकारी से कोर्ट का आदेश दिखाने की मांग की। आदेश न दिखा पाने पर नेताओं ने तत्काल बुलडोजर कार्रवाई रुकवा दी।

अधिकारी का पक्ष
वहीं अतिक्रमण अधिकारी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर आवेदकों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था और भवन हटाने की कार्रवाई होनी थी। इस दौरान कुछ युवाओं ने आकर दस्तावेज मांगे। शायद उन्हें गलतफहमी हुई थी। बाद में उन्हें दस्तावेज दिखाए गए हैं। आवेदक ने अतिक्रमण खुद हटाने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है। निर्धारित समय में कार्रवाई न होने पर फिर से कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल भाजपा नेताओं की सख्ती के बाद निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।




