रेलवे स्कूल की भी दुर्दशा: स्कूल में 900 बच्चों के लिए सिर्फ 14 शिक्षक, अल्टरनेट डेज में लग रही क्लास
केंद्र के स्कूलों में भी भर्राशाही: रेलवे स्कूल में स्मार्ट बोर्ड, लैब, लाइब्रेरी सब गायब, संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई: रेलवे स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी,
*न्यू कटनी जंक्शन।* राज्य सरकार के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा के बाद अब *केंद्र सरकार के रेलवे स्कूलों* की भी पोल खुलने लगी है। *वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ* ने *रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नकज* की लचर व्यवस्था को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।
संघ के सचिव *अशोक कुमार पाठक* द्वारा 28 जुलाई 2026 को लिखे पत्र में बताया गया है कि *शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्कूल में पठन-पाठन पूरी तरह चरमरा गया है*।

*900 बच्चों के लिए सिर्फ 14 शिक्षक*
पत्र के अनुसार स्कूल में लगभग 900 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए मात्र *14 शिक्षक* ही हैं। शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों को *एक-एक दिन छोड़कर स्कूल बुलाया जा रहा है*। संघ ने इसे भारत सरकार की शिक्षा नीति का सीधा उल्लंघन बताया है।
*निर्देशों के बाद भी नहीं हुई नियुक्ति*
संघ ने लिखा कि 6 जून 2026 को वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी जबलपुर ने निरीक्षण के दौरान संविदा शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति के निर्देश दिए थे। 24 जून से इंटरव्यू भी हो गए, लेकिन आज तक एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई।
*बुनियादी सुविधाएं भी नदारद*
पत्र में स्कूल की अन्य खामियां भी गिनाई गई हैं: *स्मार्ट बोर्ड बंद, फर्नीचर की कमी, लैब उपकरण नहीं, खेल सामग्री और लाइब्रेरी का अभाव*।
अभिभावकों में भारी आक्रोश है। संघ ने मांग की है कि इंटरव्यू हो चुके संविदा शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति की जाए और बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं।
*आंदोलन की चेतावनी*
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो जरूरत पड़ने पर *भूख हड़ताल* जैसे आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और रेल प्रबंधन की होगी।




