गोल बाजार से 100 बोरी गल्ला जब्त, पर मेन रोड मिशन चौक पर मांस की दुकानें सुरक्षित: नगर निगम की कार्यवाही पर सवाल
अतिक्रमण हटाओ अभियान: फुटकर व्यापारी निशाने पर, मिशन चौक को मिली छूट

“रामलीला मैदान में गरीब की दुकानों पर एक्शन, मिशन चौक में खुलेआम मांस-मछली पर मौन: निगम का दोहरा मापदंड?”
*कटनी।* नगर निगम का “अतिक्रमण हटाओ अभियान” इन दिनों सुर्खियों में है। निगमायुक्त *सुश्री तपस्या परिहार* के निर्देश पर अतिक्रमण अमले ने गुरुवार 23 जुलाई को रामलीला मैदान में कार्यवाही करते हुए लगभग *100 बोरी गल्ला सहित अन्य सामग्री जब्त* की। निगम का कहना है कि “सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा”।

लेकिन इसी कटनी शहर के मिशन चौक पर निगम की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
*क्या है दोहरा मापदंड?*
1. *रामलीला मैदान, गोल बाजार*: यहां छोटे-छोटे फुटकर व्यापारियों की दुकानें, गल्ले की बोरियां हटाई गईं। निगम ने पंचनामा बनाकर सामान जब्त कर लिया।
2. *मिशन चौक, मेन रोड*: यहां खुलेआम *मांस, बकरा, अंडा, मछली* की दुकानें मेन रोड किनारे सजी हैं। गंदगी, खून और दुर्गंध से राहगीरों का निकलना मुश्किल है। पर निगम को ये अतिक्रमण दिखाई नहीं दे रहा।
*जनता का सवाल*
क्या अतिक्रमण सिर्फ गरीब फुटकर व्यापारी ही करते हैं?
क्या मेन रोड पर चलने वाली मांस-मछली की दुकानें “कानूनी” हैं?
या फिर “चुन-चुन कर कार्यवाही” कर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि मिशन चौक पर सालों से ये दुकानें लग रही हैं। न कोई परमिट, न सफाई व्यवस्था, न नियमों का पालन। फिर भी निगम का अमला वहां जाने से कतराता है। इसी तरह चांडक चौक पुल की सुरक्षा दीवार तोड़कर दुकानें अवैध रूप से संचालित है वहां भी कार्यवाही नगण्य है क्यों।
*निगम का बयान*
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि *”सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। भविष्य में भी सख्त और नियमित कार्यवाही जारी रहेगी।”*

अब देखना ये है कि निगम का ये “सख्त अभियान” सिर्फ रामलीला मैदान तक सीमित रहेगा या मिशन चौक जैसी जगहों पर भी पहुंचेगा।




