काले आदेश नहीं मानेंगे” – कटनी में कर्मचारियों ने जलाई CPCT की प्रति
म.प्र. लघु वेतन संघ का आक्रोश: कटनी में जलाए गए CPCT-E-Attendance के आदेश

म.प्र. लघु वेतन कर्मचारी संघ का कटनी में प्रदर्शन
“अंशकालीन रसोइयों का वेतन 30 हजार करो, CPCT और E-Attendance हटाओ”
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*कटनी।* प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत मंगलवार को *म.प्र. लघु वेतन कर्मचारी संघ, जिला शाखा-कटनी* के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी, आशा, रसोइया और चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी शामिल रहीं।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर नारे लगाए: _”अंशकालीन रसोइया बहनों का वेतन 30 हजार करना होगा”_ और _”मांग हमारी पूरी हो”_।
*मुख्य मांगें क्या हैं?*
संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर 6 प्रमुख मांगें रखीं:
1. *CPCT बाध्यता समाप्त हो*: पदोन्नति में CPCT की अनिवार्यता हटाई जाए। संघ ने कहा कि _”पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को भी वापस किया जा रहा है, जो गलत है।”_
2. *E-Attendance बंद हो*: चौकीदार, स्वीपर, रसोइया, आंगनवाड़ी, आशा, उषा और मिड-डे मील कर्मचारियों से E-Attendance की बाध्यता हटे। _”इनका काम फील्ड का है, उपस्थिति हस्ताक्षर पंजी से मानी जाए।”_
3. *न्यूनतम वेतन 30 हजार*: आंगनवाड़ी, आशा, रसोइया और मिड-डे मील सहायिकाओं का मानदेय कम से कम 30 हजार रुपये किया जाए।
4. *7वें वेतनमान का लाभ* स्थाई कर्मियों को दिया जाए।
5. *अनुकंपा नियुक्ति* दी जाए और दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किया जाए।
6. *अंशकालीन को स्थाई* किया जाए।
नेताओं का बयान
संघ के जिला अध्यक्ष पूर्णेष ऊईके और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि _”आज हम CPCT और E-Attendance आदेश की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया है और ज्ञापन सौंपा है”_
संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद था।




