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सरकार सुने! UGC के चक्कर में उबल रहा है कटनी, समाज दो हिस्सों में बंटा – हालात भयावह! बरही तहसील में जश्न, शहर में सवर्णों का प्रदर्शन

एक ही जिले में दो तस्वीरें - बरही में UGC जिंदाबाद, कटनी में मुर्दाबाद! क्या चाहती है जनता?

बरही में UGC के समर्थन में दलित-आदिवासी लामबंद, तो कटनी में सवर्ण समाज सड़कों पर – दो धड़ों में बंटा जिला

 

निडर आवाज न्यूज – विशेष ग्राउंड रिपोर्ट

UGC के नए नियमों ने देश को दो फाड़ कर दिया! एक तरफ समर्थन में रैली-ज्ञापन, दूसरी तरफ सवर्ण समाज सड़कों पर – क्या सरकार को भान नहीं? आने वाला समय होगा भयावह!

नई दिल्ली/कटनी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए दिशानिर्देशों को लेकर देश भर में भूचाल आ गया है। देश दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है।

 

एक वर्ग ऐसा है जो UGC के इस फैसले का खुलकर समर्थन कर रहा है। देश के कोने-कोने में दलित-आदिवासी संगठन रैलियां निकाल रहे हैं, सभाएं कर रहे हैं, सड़कों पर जश्न मना रहे हैं और सरकार को समर्थन में ज्ञापन सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि यह फैसला सामाजिक न्याय के लिए ऐतिहासिक है।

तो वहीं दूसरा धड़ा… सवर्ण समाज अब आर-पार की लड़ाई में सड़कों पर उतर आया है। सवर्ण समाज के युवा, छात्र और सामाजिक संगठन इसे पूरी तरह से भेदभावपूर्ण बता रहे हैं। देश भर में धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम, पुतला दहन और कलेक्टरों को ज्ञापन का दौर तेज हो गया है। उनका आरोप है कि यह नियम मेरिट को खत्म कर देगा।

 

कटनी में भी टकराव की आहट:

इस राष्ट्रीय टकराव की आग कटनी जिले तक पहुंच गई है। विगत दिनों बरही में दलित-आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर UGC के समर्थन में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और इसे लागू करने की मांग की।

 

तो वहीं ठीक दूसरे दिन कटनी शहर में सवर्ण समाज ने इसका पुरजोर विरोध किया। करणी सेना सहित कई सवर्ण संगठनों ने शहर में विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और इस काले कानून को वापस लेने की मांग की।

निडर आवाज का सवाल: क्या सरकार सो रही है?

एक ही कानून के लिए एक समाज सड़क पर जश्न मना रहा है और दूसरा समाज सड़क पर आगबबूला है। समाज दो धड़ों में बंट रहा है, गांव-गांव, कॉलेज-कॉलेज में बहस और टकराव की स्थिति बन रही है। क्या केंद्र सरकार को इसका बिल्कुल भी भान नहीं है?

 

देश में ऐसा माहौल निर्मित हो उससे पहले सरकार को इस पर पुनर्मंथन करना चाहिए। सभी पक्षों को बैठाकर बीच का रास्ता निकालना चाहिए। नहीं तो आने वाला समय भयावह होगा और इसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी।

 

आप किसके साथ हैं? समर्थन या विरोध? कमेंट में अपनी निडर आवाज जरूर लिखें।

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