आदिवासी महिला का संगीन आरोप – “कस्टडी में पीटकर गलत बयान लिखवाया”, एसडीओपी बोले “आरोप निराधार, मेडिकल रिपोर्ट 4 दिन बाद की है”
आदिवासी महिला बोली "आरोपियों को बचाने के लिए एसडीओपी-TI ने मारा", अधिकारी बोले "पूछताछ के समय महिला स्वस्थ थी, अस्पताल में मुलाहिजा हुआ था"

15 हजार की पूजन राशि से शुरू हुआ विवाद, अब एसडीओपी-TI पर लगे गंभीर आरोप
कटनी।* जिले के *बरही थाना क्षेत्र* से सामने आए आदिवासी महिला से मारपीट के मामले में अब *पुलिस सूत्रों का बयान* भी सामने आया है।
आदिवासी समाज की महिला *ऊषा बाई भूमिया* ने *एसडीओपी वीरेन्द्र सिंह धार्वे और TI अरविंद कुमार चौबे* पर कस्टडी में मारपीट और दबाव बनाकर गलत बयान लेने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस सूत्रों ने इसे *पूछताछ से बचने की साजिश* बताया है।

*क्या है पूरा मामला*
*ऊषा बाई भूमिया पति कोमल भूमिया*, निवासी झिरिया, बैकोना टोला थाना बरही ने एसपी को दिए आवेदन में बताया:
1. *घटना की जड़*: उनके ससुर आदिवासी समाज के परंपरागत पंडा हैं। गांव की सुख-समृद्धि के लिए होने वाले पूजन के लिए 27/06/2026 को ससुर *रमेश बर्मन* के घर पूजन राशि लेने गए थे। उस समय उनके पास गांव से एकत्रित *15-16 हजार रुपये* थे।
2. *आरोप*: आरोप है कि रमेश बर्मन और गोपी बर्मन को बचाने के लिए पुलिस ने ऊषा बाई को हिरासत में लेकर मारपीट की।

3. *पुलिस पर गंभीर आरोप*: ऊषा बाई ने पत्र में लिखा कि *एसडीओपी वीरेन्द्र सिंह धार्वे और TI अरविंद कुमार चौबे* ने उनके साथ मारपीट की और दबाव बनाकर मिथ्या बयान लिया।
*दोनों पक्षों का बयान*
*1. पीड़िता ऊषा बाई का आरोप:*
16 जुलाई 2026 की *CHC बरही* की OPD पर्ची में महिला ने बताया कि _”12/07/26 को लगभग 5 बजे बरही थाने में 2-3 लोगों ने हिरासत में मारपीट की।”_
डॉक्टर ने *पीठ, कमर और दोनों नितंबों पर Blunt Injury* की पुष्टि की है।

*2. एसडीओपी वीरेन्द्र कुमार धार्वे का जवाब:*
_”आरोप सरासर निराधार है। महिला को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। उसके बाद शासकीय अस्पताल बरही में उसका मुलाहिजा भी कराया गया था। उस दौरान महिला बिल्कुल स्वस्थ और सुरक्षित थी। चूंकि महिला ने 16 जुलाई की मेडिकल रिपोर्ट लगाई है जो पूछताछ के चार दिन बाद की है।”_

*शिकायत कहां-कहां गई*
ऊषा बाई ने शिकायत *एसपी कटनी, सीएम, राज्य महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, डीजीपी, आईजी* को भेजी है।




