कन्हवारा में इंडियन ऑयल पंप की खुलेआम गुंडागर्दी! फ्री हवा-पानी बंद, शौचालय बना नरक, गोबर की दुर्गंध में बिक रहा पेट्रोल
विजयराघवगढ़ रोड के IOCL पंप पर नियमों की धज्जियां - फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत पेटी गायब, जनरेटर मालिक की मर्जी से चलता है

प्रशासन की चुप्पी या मिलीभगत? कन्हवारा पेट्रोल पंप का निरीक्षण क्यों नहीं करते अधिकारी, जनता ने लगाए गंभीर आरोप
कन्हवारा / विजयराघवगढ़।*विजयराघवगढ़ रोड स्थित ग्राम कन्हवारा के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में ग्राहकों से खुलेआम मनमानी की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सख्त नियमों के बावजूद यहां फ्री हवा, ठंडा पीने का पानी, शौचालय, फर्स्ट एड जैसी अनिवार्य सुविधाएं सिर्फ दिखावे के लिए हैं।
फ्रीजर लगा है, पर ठंडा पानी नहीं – हवा मशीन है, पर बंद है!
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंप पर पीने के ठंडे पानी के लिए फ्रीजर लगा तो है पर वो हमेशा बंद रहता है। हवा भरने की मशीन लगी है पर कर्मचारी कहते हैं “खराब है”। सरकारी नियम है कि हवा और पानी की सुविधा 24 घंटे मुफ्त देनी होगी, लेकिन यहां दोनों के लिए ग्राहक भटकते हैं।
*जनरेटर है मालिक की मर्जी का गुलाम!*
लाइट जाने पर पंप का जनरेटर संचालक की मर्जी से चलता है। “मन होगा तो चालू करेंगे” वाला रवैया है, चाहे लाइन में 10 गाड़ियां खड़ी क्यों न हों। ग्राहक खड़े-खड़े चले जाते हैं।
*शौचालय की हालत – सरकारी से भी बदतर*
पंप के शौचालय की दशा देखकर उल्टी आ जाए। इतनी गंदगी और बदबू है कि जाना मुश्किल है। पंप परिसर में चारों ओर गोबर फैला है और दुर्गंध से सांस लेना दूभर है।
*सबसे बड़ा सवाल – नियम कहां हैं?*
नियम के अनुसार हर पंप पर होना चाहिए:
– फर्स्ट एड बॉक्स – *नदारद*
– शिकायत पेटी – *नदारद*
– सुझाव बोर्ड और रेट लिस्ट – *गायब*
– साफ-सुथरा शौचालय – *नरक बना है*
इतनी सारी कमियों के बाद भी आज तक *खाद्य अधिकारी, नापतौल विभाग या IOCL के सेल्स ऑफिसर* ने इस पंप का निरीक्षण नहीं किया। अखबारों में कई बार खबरें छपीं, लेकिन अधिकारी मौन हैं। जनता अब पूछ रही है – *”क्या ये मौन स्वीकृति मिलीभगत की ओर इशारा नहीं है?”
स्थानीय जनों ने कलेक्टर कटनी और इंडियन ऑयल के जबलपुर मंडल कार्यालय से इस पंप की *तत्काल निगरानी और लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही* की मांग की है।




