‘सम्मान से खिलवाड़ नहीं सहेंगे’: पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने पर विजयराघवगढ़ में बवाल, विधायक पर FIR की मांग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का आरोप, विजयराघवगढ़ थाने पहुंचे कांग्रेसी नेता

‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन’: कटनी के विजयराघवगढ़ में विधायक के खिलाफ शिकायत, वरिष्ठ नेताओं ने सौंपा ज्ञापन
*कटनी।* विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। 6 जुलाई 2026 को विजयराघवगढ़ थाना पहुंचे वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक पर बलात्कार पीड़िता और उसके परिवार की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ब्रजकिशोर विश्वकर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया है कि विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच से पीड़िता की पहचान उजागर की गई, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 72 का उल्लंघन है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस मामले में तुरंत FIR दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता और उसके परिजनों की गोपनीयता भंग होने से उन्हें सामाजिक और मानसिक आघात पहुंचा है।
थाना परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने कानून का सम्मान करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि BNS 2023 की धारा 72 के तहत किसी भी यौन अपराध की पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है। इसमें 2 वर्ष तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू करने की बात कही है।




