29 एकड़ का तालाब गायब! 52 एकड़ के भराव पर खेती और ईंट भट्ठे, 10 साल से शिकायत, अब कलेक्टर की परीक्षा
छःघरा का रामतलाय बना रसूखदारों की जागीर, 29 एकड़ जल क्षेत्र में उग रहा गेहूं, चल रहे हैं भट्ठे*

जन-विश्वास अभियान में गूंजा ‘राम तलाब’ का दर्द – 29 एकड़ के विशाल सरोवर पर भू-माफिया का कब्जा, कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए जांच के निर्देश
कन्हवारा/ कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 के तहत कन्हवारा में लगे जन-समस्या निवारण शिविर में आखिरकार वो मुद्दा गूंज ही गया, जिसे प्रशासन 10 साल से अनसुना कर रहा था। गांव के वरिष्ठ समाजसेवी अशोक पाटकर ने कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सामने ग्राम छःघरा स्थित ऐतिहासिक “राम तलाब (रमतलाय)” के अतिक्रमण का मुद्दा पूरी ताकत से उठाया।

कागजों पर 29 एकड़, मौके पर खेत और ईंट भट्ठे!
शिकायती पत्र के अनुसार राम तलाब का वास्तविक रकबा *लगभग 29 एकड़* है और इसका भराव क्षेत्र (कैचमेंट) *लगभग 52 एकड़* में फैला है। यह कटनी क्षेत्र का सबसे विशाल जलस्रोतों में से एक है। लेकिन विगत कई वर्षों से इसके पूरे रकबे पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि तालाब की जमीन पर आज धान-गेहूं की खेती हो रही है और *व्यवसायिक रूप से ईंट भट्ठे चलाए जा रहे हैं।* यानि जिस जमीन पर गांव की प्यास बुझनी थी, वहां ईंटें पक रही हैं।
10 साल से शिकायत, फाइलों में घूम रहा न्याय
श्री पाटकर ने शिकायत में उल्लेख किया है कि वे इस मसले में *विगत 10 वर्षों से तहसील से लेकर कलेक्टर तक* शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार रसूखदार अतिक्रमणकारियों के दबाव में फाइल दबा दी जाती है। तालाब राजस्व रिकॉर्ड में आज भी “तालाब” के रूप में दर्ज है, फिर भी अतिक्रमण नहीं हट रहा।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान, अब नजर कार्यवाही पर
समाजसेवी की शिकायत पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने तत्काल संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को *मौका जांच कर धारा 248 के तहत बेदखली की कार्यवाही* करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर का ये निर्देश जन-विश्वास अभियान के वादे “आपकी समस्याएं, हमारा दायित्व” की असली परीक्षा है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर ये 29 एकड़ का तालाब अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो पूरे क्षेत्र का जलस्तर सुधर जाएगा और सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई हो सकती है।
अब देखना होगा – क्या कलेक्टर आशीष तिवारी का निर्देश 10 साल के अतिक्रमण के इस मजबूत गढ़ को तोड़ पाएगा? क्या राम तलाब अपने उद्धार को तरसेगा या फिर जन-विश्वास अभियान में सच में “समाधान” होगा? पूरा कटनी इस कार्यवाही की ओर देख रहा है।




