राष्ट्रीय सम्मान के बीच स्थानीय सवाल: DGMS अवार्डी केके चंद्रा की कंपनी पर बिस्तरा के ग्रामीणों का प्रदूषण का आरोप
खनन क्षेत्र के कर्मयोगी केके चंद्रा सम्मानित, लेकिन बोरा कंपनी पर ग्रामीणों के आरोप जस के तस

DGMS से लाइफटाइम अचीवमेंट पाने वाले केके चंद्रा की कंपनी पर बिस्तरा के ग्रामीणों का आरोप: प्रदूषण से त्रस्त, प्रशासन की कार्रवाई अब भी नगण्य
*कटनी/विजयराघवगढ़। निडर आवाज न्यूज*
एक तरफ वरिष्ठ खनन उद्योग कर्मी केके चंद्रा को DGMS धनबाद से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और IBM से पर्यावरण सप्ताह में सम्मान मिला है, वहीं दूसरी तरफ उनकी कंपनी मे. एन एम दुबास उर्फ “बोरा कंपनी” पर बिस्तरा गांव के ग्रामीण लगातार प्रदूषण के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप: 3 पीढ़ी से प्रदूषण, कैमूर पहाड़ी को नुकसान
बिस्तरा गांव में स्थित बोरा कंपनी को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि तीन पीढ़ियों से संचालित इस कंपनी से धूल, धुआं और विस्फोट के कारण गांव का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कंपनी परिसर से 100 मीटर दूर ऐतिहासिक कैमूर पहाड़ियों के पास रोजाना भीषण विस्फोट किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विस्फोट की आवाज से मकानों में दरारें आ रही हैं और जंगली जीव-जंतु पलायन कर चुके हैं। क्रशर और खदान से उड़ने वाली धूल के कारण बच्चों-बुजुर्गों को सांस व अस्थमा संबंधी बीमारियां होने का भी आरोप है।

ग्रामीणों का आरोप: CSR पर सवाल, कार्रवाई अब भी नगण्य
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि CSR मद में बिस्तरा गांव के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ है। निडर आवाज द्वारा पहले प्रकाशित खबर के बाद भी अब तक मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड PCB, खनिज विभाग और राजस्व विभाग की ओर से मौके पर कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई अब भी नगण्य बताई जा रही है।
*दूसरा पहलू: के के चंद्रा का राष्ट्रीय सम्मान*
गौरतलब है कि बोरा कंपनी के वरिष्ठ कर्मयोगी केके चंद्रा को हाल ही में DGMS धनबाद द्वारा 37वें सुरक्षा सप्ताह समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। साथ ही इसी वर्ष 35वें पर्यावरण सप्ताह में भारतीय खान ब्यूरो IBM द्वारा भी उनके कार्यों की सराहना की गई है। क्षेत्र के इतिहास में पहली बार किसी व्यक्ति को इन दोनों राष्ट्रीय संस्थाओं से सम्मान मिला है। श्री चंद्रा ने इस सम्मान का श्रेय कंपनी प्रबंधन और अपने सहयोगियों को दिया है। उनके अनुभव और खनन क्षेत्र में सुरक्षा-पर्यावरण के प्रति योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

HR से संपर्क नहीं हो सका – ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों के साथ निडर आवाज की टीम ने भी कंपनी के मैनेजर केके चंद्रा से आरोपों पर पक्ष जानने के लिए संपर्क का प्रयास किया। लेकिन अब तक उनसे बात नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत पर कंपनी प्रबंधन जवाब नहीं देता।
*कंपनी/विभाग का पक्ष:* खबर प्रकाशन के बाद भी अब तक केके चंद्रा, PCB कटनी, खनिज विभाग कटनी और कलेक्टर कार्यालय से आरोपों पर आधिकारिक पक्ष नहीं मिल सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। लाइसेंस, NOC और प्रदूषण मानकों की स्थिति संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

*नोट:* यह रिपोर्ट बिस्तरा के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और ग्राउंड विजिट पर आधारित है। केके चंद्रा को मिले राष्ट्रीय सम्मान तथ्यात्मक हैं। आरोपों की सत्यता संबंधित विभागों की जांच के बाद तय होगी।




